नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश में दुष्कर्म की घटनाओं में बढ़ोतरी, ब्राह्मण और दलित समाज के खिलाफ तेजी से बढ़ रहे अपराधों को लेकर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम और ‘आप’ के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हाथरस में 19 वर्षीय दलित युवती की सामूहित दुष्कर्म के बाद उसकी जीभ काट दी गई, युवती को गंभीर हालत में एम्स में भर्ती कराया गया है। ठाकुर समाज से आने वाले योगी आदित्यनाथ के राज में यूपी में दलित व ब्राह्मण समाज के लोगों का रहना और बेटियों का घर से निकलना मुश्किल होता जा रहा है। वहीं, दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि युवती के साथ हुई घटना शर्मनाक है। पुलिस ने पहले धारा 307 में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की बचाने की कोशिश की और बाद में समाज के लोगों द्वारा धरना- प्रदर्शन करने पर दबाव में आकर गैंगरेप का मुकदमा दर्ज किया। अब परिवार को जान से मारने और गांव छोड़ कर जाने की धमकी मिल रही है। पुलिस-प्रशासन को आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

पार्टी मुख्यालय में सोमवार को राजेन्द्र पाल गौतम के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 14 सितंबर को यूपी के हाथरस में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। दलित समाज की एक 19 साल की लड़की के साथ चार लोगों ने दरिंगदी की, उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और वह कुछ बता न सके, इसलिए उसकी जीभ काट डाली।

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सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि लड़की के साथ बुरी तरह मारपीट की गई, उसकी रीढ़ की हड्डी में बुरी तरह से चोट आई है, अब पीड़िता के हाथ और पैर काम नहीं कर पा रहे हैं। आज पीड़िता को यूपी से दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमारे मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम पीड़िता के घर वालों से लगातार संपंर्क में हैं। इस समय यूपी में कानून व्यवस्था बहुत खस्ता हालत में है। हाथरस में ही अगस्त महीने से अब तक तीन दुष्कर्म की घटनाएं हो चुकी हैं। हाथरस के अंदर 24 अगस्त को 17 साल की एक लड़की के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई। हाथरस में ही 14 अगस्त को 13 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई। साथ में उसकी भी जबान भी काट दी गई।

उन्होंने आगे कहा कि कुछ दिनों पहले हमने एक प्रेस कांफ्रेंस की थी और बताया था कि यूपी में अजय सिंह बिष्ट जो खुद को योगी कहलाना पसंद करते हैं, वो ठाकुर समाज से आते हैं। यूपी के अंदर ठाकुर समाज के लोगों को बड़े-बड़े पदों पर तैनात किया गया है। हमें इससे कोई ऐतराज नहीं है कि योगी आदित्यनाथ, ठाकुर समाज से हैं और उनके मन में ठाकुरों को लेकर प्रेम है। लेकिन यूपी में अन्य जातियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। खासतौर पर ब्राह्मण और दलित समाज के लोगों का यूपी में रहना मुश्किल हो गया है। बेटियों के लिए घर से निकलना मुश्किल होता जा रहा है।

सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि कल लखनऊ में मंदिर का दान पात्र चुराने के लिए शिव मंदिर के पुजारी की पत्नी की हत्या कर दी गई। उससे पहले लखीमपुर के अंदर तीन बड़ी दुष्कर्म की घटना सामने आईं। सितंबर में तीन साल की मासूम बच्ची का दुष्कर्म और हत्या, उससे कुछ दिन पहले 17 साल की लड़की का दुष्कर्म और हत्या, उससे कुछ दिन पहले ही 13 साल की बच्ची का दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई। यूपी में ठाकुर समाज को प्राथमिकता देने के लिए अन्य समाजों की अनदेखी की जा रही है। योगी जी बहुत नाराज होते हैं लेकिन आज हम सबूत के साथ जानकारी दे रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि हमने यूपी के 39 जिलों की जानकारी निकाली कि वहां बड़े पद जैसे जिलाधिकारी, आईजी, एसएसपी, एसपी, कमिश्नर और अन्य अहम पदों पर किस जाति के लोग विराजमान हैं। मैं मानता हूं कि यूपी में ठाकुर समाज सिर्फ 6 प्रतिशत है। 39 जिलों के बड़े अधिकारियों के नाम बताते हुए उन्होंने कहा है कि इन जिलों में 46 शीर्ष पदों पर ठाकुर समाज के लोग बैठे हुए हैं। मैं योगी जी से जानना चाहता हूं कि यूपी में ब्राह्मण, दलित, मौर्य, वाल्मीकि, जाटव, यादव और बाकि अन्य समाज भी हैं, क्या इन समाजों के लोग अफसर नहीं बनते, या योगी जी को वो दिखते ही नहीं हैं। हम योगी जी से जानना चाहते हैं कि एक ठाकुर के सीएम बनते ही प्रदेश के अहम पदों पर, लोगों पर नजर रखने वाले निर्णायक पदों पर ठाकुर समाज के लोग क्यों बैठे हुए हैं।

प्रेस वार्ता में मौजूद आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम जी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यह बेहद ही शर्म की बात है कि एक महिला के साथ 4 लोगों ने मिलकर दुष्कर्म किया, उसकी हत्या करने की कोशिश की, उसकी जबान काट दी गई और आज वह दिल्ली के एम्स अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है, ऐसे संगीन मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की पुलिस ने केवल धारा 307 के तहत मामले को कमजोर करने के लिए केस दर्ज किया। 9 दिन बाद जब महिला को होश आया और उसके परिजनों और समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू किया, तब दबाव में आकर पुलिस को 4 लोगों के खिलाफ सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इससे भी ज्यादा शर्म की बात यह है कि इस घटना के बाद भी दोषियों के परिवार के लोग, पीड़िता के परिवार के लोगों को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, गांव से बाहर निकालने की धमकी दे रहे हैं और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और पूरा पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बनकर बैठा हुआ है।

राजेंद्र पाल गौतम ने मीडिया के माध्यम से मांग करते हुए कहा कि तुरंत प्रभाव से जो लोग धमकी दे रहे हैं, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए, उन पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए और पीड़िता के परिवार को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एक करोड रुपए का मुआवजा दिया जाए। साथ ही साथ एक फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करके उसमें समय बद्ध तरीके से इस मुकदमे की कार्यवाही की जाए और जल्द से जल्द अपराधियों को सख्त सजा दी जाए। राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि भाजपा के लोग इतने संवेदनहीन है कि एक खिलाड़ी को छोटी सी चोट लगने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी तुरंत ट्वीट कर देते हैं, एक फिल्म अभिनेत्री की समस्या पर राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन तुरंत ट्वीट कर उसका संज्ञान लेती हैं, परंतु बेहद ही अफसोस की बात है कि एक महिला के साथ इतनी बड़ी अमानवीय घटना घटित हुई है, पूरा समाज, पूरा देश शर्मसार हुआ है, परंतु न तो राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन की ओर से और न ही हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की ओर से इस घटना पर किसी प्रकार का कोई बयान आया है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में हमने उत्तर प्रदेश में हो रहे अपराधों को लेकर एक रिसर्च की है, जिसमें हमने यह पाया है कि उत्तर प्रदेश में लगातार अनुसूचित जाति एवं जनजाति, ओबीसी तथा ब्राह्मण समाज के लोगों के साथ अत्याचार हो रहा है, उनके संवैधानिक हितों की अनदेखी हो रही है, उनकी हत्याएं की जा रही है, उनके घर जलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सब इसलिए हो रहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के रवैया के कारण एक विशेष समुदाय के लोगों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। क्योंकि जब कभी उस समुदाय से जुड़े लोग किसी प्रकार की अपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं, तो योगी सरकार और पुलिस प्रशासन की ओर से उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। उन्होंने बताया के देशभर में पिछले कुछ समय में हुए कुल अपराधों में से लगभग 25 प्रतिशत से भी अधिक अपराध सिर्फ और सिर्फ उत्तर प्रदेश के अंदर हुए हैं। आज के समय में उत्तर प्रदेश अपराध के मामले में प्रथम स्थान पर है। द्वितीय स्थान पर भी भाजपा शासित मध्य प्रदेश का नाम आता है। अर्थात जहां जहां पर भाजपा की सरकार है, वहां वहां पर अपराध अपने चरम पर हैं।

राजेन्द्र पाल गौतम ने मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश की सरकार से मांग करते हुए कहा, कि इस प्रकार की घटनाओं पर तुरंत अंकुश लगना चाहिए, तुरंत इनको रोका जाना चाहिए, अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। उन्होंने कहा यदि भारत को मजबूत बनाना है तो इस प्रकार के जातिगत हम लोग को रोकना बेहद जरूरी है।

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