लखनऊ/बक्शी का तालाब: लखनऊ की बख्शी का तालाब विधानसभा के ग्राम जलालपुर में गरीब दलित-किसान जिस ज़मीन पर खेती कर रहे थे उसे प्रशासन के सरकारी ज़मीन बताकर अपने कब्ज़े में ले लिया है। पहले खेतों की मेंढ़ तोड़ी थी फिर उनके ट्यूबवेल में ईंट पत्थर डाल दिए हैं। अब कुछ किसानों के ऊपर पुलिस ने धारा 151 के तहत भू माफिया का केस दर्ज कर दिया है। इस विषय पर उत्तर प्रदेश काँग्रेस कमेटी के मीडिया संयोजक ललन कुमार ने कहा है कि देश के किसानों पर अत्याचार हो रहा है जिसे पूरा देश देख रहा है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में किसान आन्दोलन चल रहा है। नरेंद्र मोदी जी मस्त हैं तो योगी आदित्यनाथ भी कैसे पीछे रहते। लखनऊ की #बक्शीकातालाब (169) वि०स० के ग्राम जलालपुर में किसानों पर हो रहे अत्याचार की इन्तेहाँ देखिये। वहाँ के दलित गरीब-किसान जिस ज़मीन पर दशकों से खेती कर रहे थे वहाँ प्रशासन ने उन्हें खेती करने से रोक दिया है। उनके खेतों की मेंढ़ तोड़ दी एवं ट्यूबवेल में ईंट-पत्थर डाल दिए। अब उन किसानों के ऊपर स्थानीय पुलिस ने धारा 151 के तहत भूमाफ़िया का केस दर्ज किया है।

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क्या वह किसान जिनके पास खाने को अन्न नहीं है वह भूमाफ़िया कैस हो सकते हैं? मैंने पहले भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी एवं आला अधिकारियों को पत्र लिखकर उन्हें इस बारे में जानकारी दी थी पर कोई लाभ नहीं हुआ। कमिश्नर साहब ने माननीय उच्चतम न्यायालय का हवाला देते हुए कहा था कि मामले की पूरे जाँच की जाएगी और किसानों की मदद होगी। पर यह एफआईआर करके कैसी मदद की है आपने?

आप टीम भेजकर जाँच कराएँ कि किसान वाकई भूमिहीन हैं या नहीं। स्थानीय पूंजीपतियों का उस ज़मीन के आस-पास जब पट्टा कर दिया गया है तो फिर इन दलित गरीब-किसानों से बैर क्यों? सीएम योगी आदित्यनाथ सहित समस्त सम्बंधित अधिकारियों को मैं कहना चाहता हूँ कि वह किसान अपराधी नहीं हैं। वह ज़मीन उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है। उनसे ज़मीन न छीनें। योगी सरकार द्वारा गरीब-किसानों के ऊपर एफआईआर दर्ज कर अपराधी जैसा बर्ताव करना बर्दाश्त नहीं। उक्त प्रकरण में ध्यान देवें एवं पुलिस वालों पर कार्यवाही करें।

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