( हिंदी न्यूज़ \ अबसार अली )
बुलंदशहर। बुलंदशहर के नरोरा पावर प्लांट क्षेत्र के बैराज की हालत बेहद खस्ता है। बैराज के दोनों साइड की ग्रिल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है और ऑपरेटिंग टावर भी पूरी तरह से जर्जर हालत में है। और तो और बैराज पर बनी पुलिस चौकी भी पूरी तरह से खस्ता हालत में है जो प्रशासन आवास में सुधार नही कर पा रहे हैं क्या उनसे पब्लिक रास्तों की या दूसरे छेत्रीय कस्बे या गांव कर रास्तों के मरम्मत की उम्मीद करना सही होगा ?

ये बेराज पुलिस चौकी कभी भी छतिग्रस्त हो सकती है जो जिम्मेदार प्रशासन पुलिस विभाग के परिसर तक पर ध्यान नीचे पा रहा है फिर ये पब्लिक की आम समसायो के केसे समझ सकता है ?

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यह पर जिम्मेदार सिंचाई विभाग पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठा हुआ है, लाख कोशिशों के बाद भी एसडीओ सिंचाई विभाग नरोरा कैमरे से बचते दिखाई दिए व बयान के लिए बार-बार कहने पर भी एसडीओ सिंचाई विभाग नरोरा ने अपने उच्च अधिकारियों के मना करने का बहाना बता कर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया, एसडीओ का कहना है कि बैराज की खस्ता हालत की रिपोर्ट शासन को 2018 में ही सुधार की मांग करते हुए भेज दी गई थी 2019 में शासन को रिमाइंडर भी भेजा गया था।

अब इंतजार किया जा रहा है कि कब बजट पास होगा और हम बैराज की मरम्मत कर पाएंगे। तकरीबन पौने दो करोड़ रुपए के बजट की रिपोर्ट हमारे द्वारा शासन को भेज दी गई है लेकिन 2 साल से अभी तक बजट नहीं आया है जिसके चलते बैराज की हम लोग मरम्मत नहीं करा पाए हैं, अब स्थानीय लोगों ने यह सवाल उठाया है कि इतना विशाल बैराज जो कि 2 शहरों को एक दूसरे से जोड़ता है,

जिसकी लंबाई तकरीबन 600 मीटर है उस बैराज की इस तरह की स्थिति कहीं ना कहीं एक बड़ी घटना को आमंत्रण दे रही है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि आए दिन बैराज पर कोई ना कोई हादसा होता ही रहता है। ग्रिल से कई लोग नीचे गिर चुके हैं व कई वाहन टकरा भी चुके हैं।

जब पीछे से पानी खोला जाता है उस वक्त यह बेहद खतरनाक हालातों से गुजर रहा होता है। यदि बैराज को कोई नुकसान पहुंचता है तो आसपास के 20 से 30 किलोमीटर का क्षेत्र पूरी तरह से जलमग्न हो जाएंगे, चारों तरफ मौत ही मौत और पानी ही पानी दिखाई देगा। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हमारे द्वारा चेतावनी नोटिस बैराज के दोनों तरफ की दीवारों पर लिखवा दिया गया है

और पानी का लेवल बढ़ने पर भारी गाड़ियों का आगमन बिल्कुल बंद कर दिया जाता है। यहां स्थानीय लोगों ने यह आपत्ति जताई है कि, कोई बड़ी दुर्घटना ना हो, गाड़ियों की आवाजाही बंद करने से ही बैराज का खतरा टल सकता है। क्या इस समस्या का आखरी विकल्प यही है?
ये अपने आप में बड़ा चिन्ह मार्क है।

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