लखनऊः प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जनविरोधी नीतियों का पर्दाफाश करेगी। पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की एक दिवसीय बैठक में प्रसपा प्रमुख ने राज्य व केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखे हमले करने के साथ ही वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने के आह्वान किया। शिवपाल ने गैर भाजपा दलों की एकजुटता का आह्वान किया और कहा कि गैर भाजपावाद समय की मांग है। उन्होने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने गांव, गरीब, किसान, पिछड़े, दलित, व्यवसायी, मध्यवर्ग और युवाओं को सिर्फ छला है।

उन्होने कहा कि सरकार शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान, रोजगार और इलाज उपलब्ध करा पाने में पूर्णतया नाकामयाब रही है। भाजपा सरकार में सबसे परेशान किसान हैं। उन्हें फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है। पिछले साल जो धान 2400 रुपये क्विंटल बिका था वह इस बार 1100 से 1300 रुपये के बीच बिक रहा है। गन्ने का समर्थन मूल्य पिछले कुछ सालों से एक रुपया भी नहीं बढ़ा है और अभी तक पिछले साल के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हुआ है।

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शिवपाल यादव ने कहा कि नए कानूनों के तहत सरकार मंडियों को छीनकर कॉरपोरेट कंपनियों को देना चाहती है। अधिकांश छोटे जोत के किसानों के पास न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए लड़ने की ताकत है और न ही वह इंटरनेट पर अपने उत्पाद का सौदा कर सकते हैं। इससे तो किसान बस अपनी जमीन पर मजदूर बन के रह जाएगा।

उन्होने कहा कि इन्हीं तथ्यों की ओर केंद्र व राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने के उद्देश्य से प्रसपा (लोहिया) 21 दिसम्बर को मेरठ में ‘किसान नौजवान महासम्मेलन’ का आयोजन कर रही है। इसका उद्देश्य अन्नदाताओं के पक्ष में स्वर मुखर करना है। इसी क्रम में प्रसपा 23 दिसम्बर को चौधरी चरण सिंह की जयंती को किसान संघर्ष दिवस के रूप में मनाएगी जबकि 24 दिसम्बर से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में गांव-गांव पद यात्रा अभियान चलाएगी। इस पद यात्रा का उद्देश्य प्रदेश के हर गांव में पहुंचना और पार्टी व राष्ट्रीय अध्यक्ष के विचारों को जनता तक पहुंचाना है।

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