चौधरी आफताब अहमद देश के छठे प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 75 वीं सालगिरह पर देश उन्हें याद कर रहा है, और याद कर रहा है उनके उस दौर को भी जिसमें लोकतंत्र, संविधान, धर्मनिरपेक्षता, विकास सब का बोलबाला था। आज के दौर में भले…
जितेंद्र चौधरी भारत की जनता से महान कवि दुष्यंत के शब्दों में कहता हूं; जा तेरे स्वप्न बड़े हों। भावना की गोद से उतर करजल्द पृथ्वी पर चलना सीखें। चाँद तारों सी अप्राप्य ऊचाँइयों के लियेरूठना मचलना सीखें। हँसेंमुस्कुराएँगाएँ। हर दीये की रोशनी देखकर ललचायेंउँगली…
मालिके अश्तर साल बीत गया। आज ही का दिन था, दिल्ली में बारिश की वजह से जल्दी ही शाम हो गयी थी। निगमबोध घाट पर लगभग पूरा दूरदर्शन परिवार खड़ा है और सामने नीलम शर्मा का पार्थिव शरीर रखा है। बाहर पानी बरस रहा है…
ख़ुर्शीद अह़मद अंसारी मुल्क की तक़सीम का दर्द और खानदान की किफ़ालत ने सम्पूर्ण सिंह कालरा को मुम्बई आने को मजबूर किया। छोटी छोटी नौकरी करने वाले लड़के ने बेलासिस रोड के विचार गैरेज में भी नौकरी की।लेकिन बाद में सिनेमा से ऐसा गहरा रिश्ता…
कलीमुल हफ़ीज़ 5 अगस्त 2020 को हिन्दुस्तान की तारीख़ में एक तारीख़साज़ (ऐतिहासिक) तारीख़ की हैसियत हासिल हो चुकी है। इस दिन सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर अमल करते हुए अयोध्या की पावन नगरी में राम मन्दिर की आधारशिला रखी गई। हम हिन्दुस्तानियों के लिये…
रवीश कुमार ये पत्र ऐतिहासिक दस्तावेज़ हैं। बेशक फ़ेसबुक की संपत्ति हो जाएँगे क्योंकि ये किसी और जगह संकलित नहीं है। ये पत्र सूखे पत्रों की तरह इस इनबॉक्स से उस इनबॉक्स तक उड़ रहे हैं। हवा पत्तों को इस किनारे लगा देती है तो…
रवीश कुमार विषय:- *उत्तर प्रदेश में 69000 प्राइमरी शिक्षक भर्ती में धांधली व ओबीसी,एससी वर्ग के साथ किया गया अन्याय। मेरा नोट: आगे पत्र पढ़ने से पहले मेरी बात सुनें। ऐसे मैसेज मुझे क्यों भेजे जाते हैं? मेरे दिखाने या यहाँ लिखने आज तक कुछ…
प्रीति नाहर प्रिय बॉलीवुड.. महिलाओं को अबला नारी, समाज से लड़ती, पुरुषों की भीड़ में अपनी पहचान खोजने वाली फिल्में बनाना बंद करो। ये सब हमें पता है, पुरुषों को भी पता है। हर दिन यही झेल रहीं हैं हम महिलाएं। इससे अच्छा हो महिलाओं…
ध्रुव गुप्त भारतीय उपमहाद्वीप में फिलहाल दो-दो आजादियोंके जश्न है। चौदह अगस्त को पाकिस्तान की यौमे आज़ादी है और पंद्रह अगस्त को भारत का स्वतंत्रता दिवस। ये दोनों आज़ादियां धर्म के आधार पर देश के विभाजन, असंख्य निर्दोष लोगों की लाशों, यातनाओं और बर्बादियों की…
जयशंकर गुप्त 1857 के भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम या फिर करो या मरो के नारे के साथ अगस्त क्रांति के नाम से पूरी दुनिया में चर्चित ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ जनांदोलन में पूर्वी उत्तर प्रदेश और खासतौर से आजमगढ़ जिले का और उसमें भी मधुबन…
