गिरीश मालवीय

लोग कहते हैं आप भ्रम फैलाते हो कहा लिखा है कि कोरोना क़ा वैक्सीन लगवाना अनिवार्य है! मैं कहता हूँ अनिवार्य तो आधार भी नही है लेकिन सबने बनवा रखा है कि नही? कल झारखंड की सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के Covid-19 का टीका न लगवाने पर वेतन रोकने की चेतावनी दी गई वो तो विवाद बढ़ गया इसलिए इस आदेश को वापस लेना पड़ा आप देखिएगा जैसे जैसे समय गुजरता जाएगा वेक्सीनेशन को लेकर दबाव बढाया जाएगा, मीडिया इसमे पूरा सहयोगी बना हुआ है एक भी पत्रकार फार्मा/वेक्सीन लॉबी के विरुद्ध कुछ भी बोलने को तैयार नही है।

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कोरोना को लेकर सरकारे संक्रामक रोग का नाम लेकर नागरिक समाज पर अपना शिकंजा बढाती जा रही है। जापान में कह दिया गया है कि आप यदि संक्रमित हो तो आपको हॉस्पिटल में भर्ती होना अनिवार्य है आप घर मे रह नही सकते। वेक्सीन को ट्रेवल पासपोर्ट के बतौर प्रस्तुत किया जा रहा है हमारी सुरक्षा के नाम पर हमारी ही घेरा बंदी की जा रही है नवंबर में ही अमेरिका की क्वांटास एयरलाइंस ने कहा था कि वैक्सीन उपलब्ध होने के बाद यात्रियों को वैक्सीन लगवाने का सबूत देना होगा। वैक्सीन प्रमाण पत्र जरूरी होगा। अन्य एयरलाइनों में भी ऐसा हो सकता है।

एयरपोर्ट और एयरलाइंस से जुड़ी अंतराष्ट्रीय संस्था आईएटीए ने खुलासा किया कि जल्द ही पूरा उद्योग क्वाण्टास एयरलाइन के नक्शेकदम पर चलेगा। न केवल यात्रियों को टीकाकरण का प्रमाण देने की आवश्यकता होगी, बल्कि उनसे मोबाइल ‘स्वास्थ्य पासपोर्ट’ ऐप डाउनलोड करने और उपयोग करने की अपेक्षा की जाएगी। हमारे यहाँ भी इसकी ओपचारिक शुरुआत तो हो ही चुकी हैं। हमे भी अपने कई पड़ोसी राज्यो में अब भी कई जगहों पर यात्रा करने के लिए कोरोना निगेटिव होने का प्रमाणपत्र लेकर जाना होता है उसी तरह घरेलू या विदेश यात्रा करने के लिए कोरोना की वैक्सीन लगवाना अनिवार्य हो जाएगा। क्योंकि यह ट्रैवल पासपोर्ट की तरह काम करेगा। इसके बगैर आपकी मूवमेंट प्रतिबंधित कर दी जा सकती है।

भारत मे जैसे कोविन एप्प की बात की जा रही है ऐसे ही पूरे विश्व मे एक मोबाइल एप्लीकेशन होगा। इस एप्लीकेशन में हमारे कोरोना जांच रिपोर्ट की सभी जानकारियां होंगी। हमारी यात्रा के दौरान इसे अनिवार्य कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त दफ्तर, मूवी थिएटर, कंसर्ट वेन्यू आदि में भी इसे अनिवार्य कर दिया जाएगा। विदेश यात्रा के लिए भी इसे पासपोर्ट की तरह अनिवार्य कर दिया जाएगा।

फिर तो हमे वेक्सीन लगवाना ही होगा ना करने की कोई चॉइस नही है बहुत संभव है कि कुछ दिनों बाद मीडिया में ऐसी माँग उठे कि जिसको कोरोना टीका न लगा हो उसका अस्पतालों में इलाज ही न किया जाए क्योंकि वह व्यक्ति संक्रमण फैला सकता है जिससे हमारे हैल्थ वर्कर्स को खतरा हो सकता है बहुत संभव है ऐसी ही रणनीति के तहत सबसे पहले हैल्थ वर्कर को ही टीका लगाया जा हैं।

(लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं, ये उनके निजी विचार हैं)

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