नई दिल्ली : पाक के निर्वाचन आयोग ने अपनी संपत्तियों का विवरण पेश करने में विफल रहने पर सीनेट और प्रांतीय विधानसभाओं के 154 सदस्यों की सदस्यता को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है.

इन सदस्यों को जल्द से जल्द अपनी संपत्ति की पूरी जानकारी देने का अआदेश दिया गया है और ऐसा जब तक वे नहीं करते उन्हें निलंबित ही माना जाएगा, निलंबित हुए सांसदों में कई इमरान सरकार के मंत्री भी शामिल हैं.

देश दुनिया की अहम खबरें अब सीधे आप के स्मार्टफोन पर TheHindNews Android App

डॉन के मुताबिक ये 154 सांसद और विधायक तब तक निलंबित रहेंगे जब तक कि अपनी संपत्तियों का वार्षिक ब्‍यौरा जमा नहीं कर देते, यह पहली बार नहीं है कि निर्वाचन आयोग ने ऐसी सख्‍त कार्रवाई की है.

पाक अखबार के मुताबिक निर्वाचन आयोग हर साल ऐसी लापरवाही पर कई सांसदों और विधायकों की सदस्‍यता को अस्‍थाई तौर पर निलंबित कर देता है.

जिन पाक सांसद विधायकों की सदस्‍यता निलंबित की गई है उनमें अंतर-प्रांतीय समन्वय मंत्री फहमिदा मिर्जा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी और समुद्री मामलों के मंत्री हैदर जैदी शामिल हैं.

पाक में नियम है कि हर साल सांसदों विधायकों को अपनी आय या संपत्ति का ब्‍यौरा जमा करना होगा, सांसदों विधायकों को हर साल दिसंबर महीने में ऐसा करना होता है.

पाक में चुनाव अधिनियम 2017 की धारा 137(1) के मुताबिक सांसदों और विधायकों के लिए हर साल 31 दिसंबर तक पत्नी और आश्रित बच्चों की संपत्तियों और दायित्वों के बारे में भी स्टेटमेंट दाखिल करना अनिवार्य हैं.

कानून के मुताबिक सांसदों और विधायकों की सदस्यता तब तक निलंबित रहती है जब तक वे अपनी संपत्तियों के स्टेटमेंट दाखिल नहीं कर देते.

चुनाव आयोग ने पिछले साल भी 300 से ज्यादा सांसदों-विधायकों को निलंबित किया था, हालांकि कानूनी अनिवार्यता पूरी करने के बाद ज्यादातर सांसदों और विधायकों की सदस्यता बहाल हो गई थी.

इमरान सरकार पर 31 जनवरी तक इस्तीफा देने का दबाव बढ़ता जा रहा है, ग्यारह विपक्षी दलों के संगठन पाक डेमोक्रेटिक मूवमेंट  ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और सरकार की दिक्कतें बढ़ गई हैं.

पाक का विपक्षी गठबंधन 19 जनवरी को चुनाव आयोग के सामने प्रदर्शन करने की योजना बना रहा है, इसी दिन मरयम नवाज रावलपिंडी में एक बड़ी रैली भी करेंगी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here