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प्राइवेट शिक्षकों के वेतन नहीं दे रहे हैं स्कूल, पोस्ट लिखने से दे देंगे?- रवीश कुमार

रवीश कुमार

रोज़ इस संकट से गुजर रहा हूँ। प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों के मैसेज अब पढ़े नहीं जाते हैं। न जाने कितने लाख शिक्षक चार महीने से वेतन का इंतज़ार कर रहे हैं। उनका पत्र पढ़ा नहीं जा रहा है। कोई दस हज़ार कमाने वाला है तो कोई उससे कम। इतनी सैलरी भी अगर न मिले तो कितनी मुसीबत होती होगी। ज़रूर कुछ स्कूल अमीर हैं लेकिन सारे स्कूल एक जैसे नहीं है। अभिभावक, स्कूल और शिक्षकों को ही मिलकर रास्ता निकालना होगा। पूरी सैलरी न मिले मगर कुछ तो मिले।

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कई बार बोला, दिखाया कुछ हुआ नहीं। कुछ होगा नहीं। उम्मीद है सरस्वती शिशु मंदिर और डी ए वी स्कूलों के शिक्षकों के वेतन मिल गए होंगे। ट्रस्ट के स्कूल भी ठीक होंगे। या मिशनरी स्कूल भी। मुझे सबका पता नहीं पर अंदाज़े से कह रहा हूँ। सरकारी स्कूलों में ठेके पर रखे शिक्षकों का भी यही हाल है। इन्हें निराशा से निकालना होगा। होता तो कुछ भी नहीं है फिर भी लिख दे रहा हूँ। चार लोग शुक्रिया बोलेंगे। मेरी तारीफ़ करेंगे। सौ लोग इसे बिना पढ़े कहेंगे कि मेरा भी लिख दीजिए जैसे मेरा पेज प्रधानमंत्री के सामने वीडियो स्क्रीन पर खुला हुआ है। उसके बाद और पाँच सौ लोग गाली देंगे। आप सभी का स्वागत है। सोचिए इनमें से नब्बे फ़ीसदी शिक्षक मुझे गाली देते होंगे लेकिन मैं इनकी तकलीफ़ के बारे में लिख रहा हूँ । इन शिक्षकों को भी कितनी तकलीफ़ होती होगी कि जिसे गाली देते थे उसी से आवाज़ उठाने के लिए कह रहे हैं। सैलरी से बड़ा होता है स्वाभिमान ।उन्हें मुझे नहीं लिखना चाहिए। वैसे भी कुछ होता तो नहीं है। अब फ़ैन लिखा देखा तो लिख रहा हूँ । काश फ़ैन न लिखते । फिर भी मैं लिख देता।

पत्र पढ़ें :

रविश जी मैं आपका साधारण सा फैन

सिवनी जिला मध्य प्रदेश

में एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक था । लेकिन मुझे फरवरी और मार्च 2020 की पेमेंट अभी तक नही मिली है । मेरे जैसे और भी शिक्षक हैं जिनको पेमेंट नही मिली है पर कोई शिक्षक पेमेंट के लिए बोल नही पा रहा है बोले भी तो किसे संचालक जेल में है और प्रिंसिपल बोल रही हैं कि फीस आने के बाद पेमेंट मिलेगी । स्कूल का संचालक गुंडा प्रवृत्ति का है इसलिये डर भी लगता है । स्कूल का नाम कान्वेंट इंग्लिश स्कूल सिवनी है। 10 से ज्यादा शिक्षक की पेमेंट रुकी हुई है । मुझे ज्यादा फर्क इसलिए पड़ रहा है क्योंकि मेरे घर का आधा खर्च पेमेंट से ही चलता था जो की 2 महीने की मात्र लगभग 6000 होगी । समझ नही आ रहा क्या करूँ आप इस न्यूज़ को प्राइम टाइम में दिखा दीजिये शायद मेरी हेल्प हो जाय

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