नई दिल्ली (हिन्द न्यूज़) : लगभग पिछले 5 माह से खाली पड़े दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष पद को जल्द ही चेयरमैन मिलने की संभावना है । दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड पिछले 5 माह से बिना चेयरमैन के चल रहा है मगर अब 25 अगस्त को विधायक कोटे से बोर्ड के सदस्य के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीद है कि सितम्बर के पहले सप्ताह में बोर्ड सदस्यों के बीच वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन का भी चुनाव होजाय।

दिल्ली सरकार के सचिव-सह- मंडलीय आयुक्त कार्यालय राजस्व विभाग (अल्पसंख्यक सेल) से इस संबन्ध में जनसूचना भी जारी करदी गई है और अखबारों में विग्ज्ञापन के माध्यम से निर्वाचन अधिकारी डिप्टी कमिश्नर (नार्थ) शिंडे दीपक अर्जुन दुवारा सावर्जनिक सूचना देते हुवे विधायक कोटे से बोर्ड सदस्य के चुनाव शेड्यूल का भी एलान कर दिया गया है। निर्वाचन अधिकारी दुवारा जारी सूचना के अनुसार विधायक कोटे से दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के सदस्य का चुनाव 25 अगस्त को सुबह 9 बजे से 2 बजे के बीच डिप्टी कमिश्नर नार्थ डी एम कोमप्लेक्स (नार्थ) जी टी करनाल रोड अलीपुर दिल्ली कार्यालय में होगा। सूचना के अनुसार 10 अगस्त से 17 अगस्त तक उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र निर्वाचन अधिकारी के यहाँ जमा करा सकेंगे जिसके बाद 18 अगस्त को स्क्रूटनी होगी और 19 को नाम वापस लिया जा सकेगा।

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ज्ञात हो कि वक़्फ़ एक्ट 1995 के अनुसार दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड में कुल 7 सदसस्य होते हैं जिनमें से 4 चुनकर आते हैं और 3 को सरकार मनोनीत करती है। जानकारी के अनुसार इस समय दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड में सरकार दुवारा मनोनीत किये गए 3 सदस्य रज़िया सुल्ताना, नईम फ़ातिमा ओर अज़ीमुलहक़ हैं जबकि एडोकेट हिमाल अख़्तर ,चौधरी शरीफ़ ओर पूर्व सांसद परवेज़ हाशमी चुनकर आय हैं जबकि 25 अगस्त को विधायक कोटे का चुनाव होने के बाद वक़्फ़ बोर्ड को पूरे 7 सदस्य मिल जायँगे जिनके बीच आने वाले दिनों में चेयरमैन पद के लिए चुनाव होगा। जानकारों के अनुसार विधायक कोटे से बोर्ड के पूर्व चेयरमैन ओर ओखला विधानसभा छेत्र से विधायक अमानतुल्लाह खान का बोर्ड सदस्य के रूप में निर्विरोध चुना जाना निश्चित है जिसके बाद चेयरमैन पद के चुनाव में भी उनका पलड़ा भारी होगा और वक़्फ़ बोर्ड में तीसरी बार चेयरमैन के रूप में अमानतुल्लाह खान की वापसी होने की पूरी संभावना है। इस समय दिल्ली विधानसभा में 5 मुस्लिम विधायक हैं जिनके बीच 25 अगस्त को दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के सदसय के लिए चुनाव होना है । आम आदमी पार्टी से जीत कर आए इन पांच विधायकों में इमरान हुसेन दिल्ली सरकार में मंत्री हैं, जबकि मटिया महल से विधायक हाजी शोएब इक़बाल वक़्फ़ बोर्ड का कार्यभार संभालने के इच्छुक नहीँ है,सीलमपुर से विधायक अब्दुर्रहमान अमानतुल्लाह खान के पक्ष में हैं ऐसे में मुस्तफ़ाबाद से आप विधायक हाजी यूनुस अकेले दम पर चुनाव लड़ने ओर पार्टी लाइन से बग़ावत करने की नासमझी नहीं करेंगे वैसे भी दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड में चेयरमैन के रूप में अमानतुल्लाह खान दुवारा किये गए कार्यों की चर्चा चारों ओर है और जिस तरह अमानतुल्लाह खान ने बहुत कम समय में दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड की काया पलट करने में सफ़लता पाई है उसकी मिसाल मुश्किल ही मिलेगी। बहरहाल 5 महीने बाद सही अब वक़्फ़ बोर्ड को अपना चेयरमैन मिलने की जल्द संभावना है जिसके बाद फ़रवरी माह से अपने वेतन की आस लगाय बैठे कॉन्ट्रैक्ट पर रख्खे गए 100 से ज़्यादा कर्मचारियों को भी उनका रुका हुआ वेतन मिलने की उम्मीद है।और इस बात की भी संभावना है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा पीड़ितों के बीच अमानतुल्लाह खान के चेयरमैन रहते जो रिलीफ़ कार्य किया जारहा था वो पुनः रूप से फिर शुरू करदिया जाय।

रिपोर्ट सोर्स, पीटीआई

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