समाजसेवी रूमान मलिक ने फैक्ट्री में काम रोक कर अस्पताल में दिए 40 ऑक्सीजन सिलेंडर

शमशाद रज़ा अंसारी
ग़ाज़ियाबाद
कोरोना की दूसरी लहर भारत में तबाही मचा रही है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग इस महामारी के कारण अपनी ज़िन्दगी गंवा रहे हैं। हालात ये हैं कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी हो गई है। ऑक्सीजन की कमी से हो रही मौतों को रोकने के सरकार द्वारा किए जा रहे तमाम प्रयास नाकाफ़ी साबित हो रहे हैं।
अगर दिल्ली से सटे ग़ाज़ियाबाद की बात करें तो यहाँ भी हालात बदतर होते जा रहे हैं। सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन के अभाव में मरीज एम्बुलेंस तक में दम तोड़ रहे हैं। न किसी का पैसा काम आ रहा है और न ताकत काम आ रही है। अगर कुछ काम आ रही है तो वो है इंसानियत। इन हालात में मानवता का परिचय देते हुए समाजसेवी एक दूसरे की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। जिनके प्रयासों के कारण लोगों को कुछ राहत की साँस मिल रही है।
इन हालात में अपने नुक़सान की परवाह न करते हुए ग़ाज़ियाबाद के समाजसेवी एवं आरएसएस कार्यकर्ता रूमान मलिक पिछली बार की तरह इस बार भी इस विपदा में अपना फ़र्ज़ निभाते हुए जरूरतमन्दों की मदद कर रहे हैं। इस बार अस्पतालों में ऑक्सीजन देने के लिए उन्होंने अपनी फैक्ट्री तक बन्द कर दी है।

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े महज़ 22 साल के रुमान मलिक स्टील प्लांट के मालिक कैला भट्टा निवासी साबिर मलिक के बेटे हैं। रूमान ने गाजियाबाद में ऑक्सीजन की भारी किल्लत को देखते हुए अपनी फैक्ट्री के काम को रोक दिया है। वह उसमें इस्तेमाल होने वाली ऑक्सीजन को अस्पतालों में भेज रहे हैं।

पिछले 3 दिनों में रूमान और उनके पिता 40 बड़े सिलेंडर अस्पतालों को दान कर चुके हैं। रूमान मलिक का कहना है कि लोगों की ज़िंदगियाँ बचाना ज़्यादा ज़रूरी है। ऐसे समय में जब लोग ऑक्सीजन की कमी से मर रहे हों, तब इन्हें इंडस्ट्री चलाने के लिए जला देना मानवता के खिलाफ है।

रूमान के पिता साबिर मलिक ने बेटे के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इंसानियत हम सबका पहला मज़हब होना चाहिए। उन्होंने कहा कि फैक्टरी बन्द होने से प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान तो हो रहा है लेकिन अगर ये ऑक्सीजन सिलेंडर एक भी ज़िंदगी बचाने में क़ामयाब रहे तो यह हमारी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी कमाई होगी। उन्होंने कहा कि वह और भी ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतज़ाम कर रहे हैं। हमारी कोशिश ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की मदद करना रहेगी।
आपको बता दें कि पिछले कोरोना काल में भी रूमान मलिक ने जरूरतमन्दों को लाखों रुपयों का राशन एवं अन्य सामान वितरित किया था।

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