नई दिल्ली : गृह मंत्री अनिल देशमुख पर संजय राउत ने सामना के साप्ताहिक कॉलम में संजय राउत ने बहुत बड़ी बात कह दी है, राउत ने कहा है कि देशमुख को गृहमंत्री का पद दुर्घटनावश मिल गया.

संजय राउत ने कहा कि मुंबई पुलिस आयुक्त के दफ्तर में बैठकर सचिन वाजे वसूली कर रहा था और गृह मंत्री को इसकी जानकारी नहीं होगी? राउत ने ये भी कहा कि आखिर एक API लेवल के अधिकारी सचिन वाजे को इतने अधिकार किसने दिए? यही जांच का विषय है.

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संजय राउत ने सवाल करते हुए लिखा है की आखिर एक API लेवल के अधिकारी सचिन वाजे को इतने अधिकार किसने दिए, यही जांच का विषय है, राउत ने लिखा है पुलिस आयुक्त, गृह मंत्री, मंत्रिमंडल के प्रमुख लोगों का दुलारा व विश्वासपात्र रहा सचिन वाजे महज एक सहायक पुलिस निरीक्षक था.

उसे मुंबई पुलिस का असीमित अधिकार किसके आदेश पर दिया गया, यह वास्तविक जांच का विषय है, मुंबई पुलिस आयुक्तालय में बैठकर वाजे वसूली कर रहा था और गृहमंत्री को इस बारे में जानकारी नहीं होगी?

संजय राउत ने कहा कि अनिल देशमुख को गृह मंत्री का पद दुर्घटनावश मिल गया, जयंत पाटील, दिलीप वलसे ने गृहमंत्री का पद स्वीकार करने से मना कर दिया था, तब यह पद शरद पवार ने देशमुख को सौंपा.

गौरतलब है कि विगत कुछ महीनों में जो कुछ हुआ उसके कारण महाराष्ट्र के चरित्र पर सवाल खड़े किए गए, वाजे नामक सहायक पुलिस निरीक्षक का इतना महत्व कैसे बढ़ गया? यही जांच का विषय है.

गृह मंत्री ने वाजे को 100 करोड़ रुपए वसूलने का टार्गेट दिया था, ऐसा आरोप मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह लगा रहे हैं, उन आरोपों का सामना करने के लिए प्रारंभ में कोई भी आगे नहीं आया, सरकार के पास ‘डैमेज कंट्रोल’ की कोई योजना नहीं है, ये एक बार फिर नजर आया.

बता दें कि परमबीर सिंह ने गृह मंत्री अनिल देशमुख पर अवैध उगाही का सनसनीखेज आरोप लगाया था.

उन्होंने यह कहा था कि एंटीला विस्फोटक मामले में गिरफ्तार पुलिस अधिकारी सचिन वाजे से देशमुख सीधे संपर्क में थे, उन्होंने वाजे को हर महीने 100 करोड़ रुपये की अवैध उगाही करने का निर्देश दिया था.

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