नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के महत्वपूर्ण पांचवें चरण के लिए शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू होगा। राज्य विधानसभा की 294 सीटों में से 45 सीटों पर कल मतदान होगा, जिसमें मतदाता 319 उम्मीदवारों के भाग्य को चुनावी पेटी में बंद करेंगे।

इस चरण में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आगामी दो मई को लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में वापसी करेंगी या नहीं यह तय होगा।

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राज्य में पांचवें चरण में छह जिलों और 45 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होंगे। इन जिलों में 17 अप्रैल को मतदान होना है उनमें उत्तरी परगना पार्ट-एक, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, पूर्वी वर्द्धमान पार्ट-एक और जलपाईगुडी है।

राज्य में पांचवें चरण के मतदान में मतदाता 319 उम्मीदवारों के भाग्य को फैसला करेंगे, जिनमें से 39 महिला प्रत्याशी भी हैं। मतदान में 1.12 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे जिनमें से 55.80 लाख महिला और  234 उभयलिंग हैं बाकी पुरूष मतदाता हें। मतदान के लिए 15,789 मतदान केन्द्र स्थापित किए गए हैं।

चुनाव आयोग (ईसी) ने इस चरण के लिए अभियान की मूक अवधि को 24 घंटे बढ़ाने का फैसला किया था और इसलिए यह अभियान एक दिन पहले बुधवार को समाप्त हुआ। यह निर्णय पिछले शनिवार को चौथे चरण के मतदान के दौरान कूचबिहार जिले में शीतलकुची विधानसभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र संख्या 126 में भीड़ के हंगामे और गोलीबारी की घटना को देखते हुए लिया गया। जिसमें दो अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की जान चली गयी थी।

चुनाव आयोग ने राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा का बंदोबस्त किया है और केन्द्रीय और राज्य बलों को इसके लिए तैनात किया गया है। जिसमें केन्द्रीय बलों की 853 कम्पनियां तैनात की गयी है।

इस चरण में पिछले चरण के मुकाबले अधिक सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। इससे पहले चौथे चरण में 44 सीटों के लिए मतदान के लिए 789 कंपनियों को तैनात किया गया था।

चुनाव अयोग के सूत्रों ने बताया कि 853 कंपनियों में से केवल 283 कंपनियां 24 परगना जिला के लिए की गयी है। यह सुरक्षा व्यवस्था इस उद्देश्य के लिए है कि कूच बिहार जैसी घटना फिर से न हो, जहां कई लोगों ने हिंसा के दौरान अपनी जान गंवा दी।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को निर्देश दिया था कि कोविड-19 मामलों में वृद्धि के मद्देनजर बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक दलों द्वारा प्रचार करने के संबंध में सभी स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का सख्ती के साथ पालन किया जाना चाहिए।

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