लखनऊ (यूपी) : उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया संयोजक ललन कुमार ने उत्तर प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण और सरकार की असफलता को लेकर कहा :

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री एक ही दिन कोरोना संक्रमित हुए। अखिलेश यादव जी हरिद्वार होकर आए थे और योगी आदित्यनाथ जी बंगाल से।

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पिछले कुछ दिनों में यदि देखा जाए तो लखनऊ को कोरोना ने अपने शिकंजे में बुरी तरह कस लिया है। कोरोना के बढ़ते मामले चिंता में डालने वाले हैं। शमशान घाट पर प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में लाशें जल रही हैं। मृतकों के परिजन बिलख रहे हैं। न जाने यह कोरोना अभी कितनी और जानें लेगा।

लखनऊ में अस्पतालों के बाहर कतार में खड़े लोगों को देखा जा सकता है। कोरोना संक्रमित लोगों के लिए बेड खाली नहीं है। ऑक्सीजन की भारी कमी है। अस्पताल में बेड न मिलने से मरीज़ अस्पतालों के बाहर ही दम तोड़ रहे हैं। अपने सामने अपनों को तड़प के मरते देखना अपने आप में मर जाने जैसा ही है। वह किस प्रकार असहाय महसूस कर रहे होंगे इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।

हालत आखिर इतने बदतर कैसे हो गए। क्या भाजपा सरकारों ने पिछले साल हुई तबाही से कुछ नहीं सीखा?

फ़रवरी 2020 में राहुल गाँधी जी ने कोरोना संकट पर ट्वीट के माध्यम से सरकार को आगाह किया था। मगर अपने अहम् में चूर नरेन्द्र मोदी सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी। स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन जी ने राहुल गाँधी जी का मजाक उड़ाते हुए कहा कि वह जनता को गुमराह कर रहे हैं।

कोरोना संक्रमण कोई हेल्थ इमरजेंसी नहीं है। आज के हालत देखकर हर्षवर्धन जी का भी मजाक उड़ाने का दिल करता है मगर कांग्रेस की विचारधारा हमें इसकी इजाज़त नहीं देती।

पिछले साल हुई तबाही के बाद भी केंद्र सहित उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने कोई शिक्षा नहीं ली। योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक करने की जगह स्टार प्रचारक बनना चुना। अब वह स्वयं कोरोना पॉजिटिव होकर जनता को भगवान् भरोसे छोड़कर आईसोलेट हो गए हैं।

भाजपा सरकार को चाहिए कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार की तर्ज पर लखनऊ स्थित विभिन्न स्टेडियम और पार्कों को अस्थायी रूप से अस्पताल बना दें। ताकि कोई भी कोरोना संक्रमित इलाज से वंचित न रह सके।

लोग कोरोना से कम बल्कि इलाज न मिल पाने के कारण ज्यादा मर रहे हैं। लखनऊ की ही तरह प्रदेश के विभिन्न शहरों में कोरोना मरीजों की मौत का कारण समय से ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध न हो पाना भी है। सरकार को चाहिए कि किसी भी स्थिति में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सके।

जो समय चुनाव प्रचार में व्यर्थ किया उसमें सभी देशवासियों को वैक्सीन लगवाई जा सकती थी। लखनऊ सहित पूरे प्रदेश की जनता खतरे में है। भाजपा सरकार के पास इस संक्रमण से बचने का कोई प्लान नहीं है। सबकुछ राम भरोसे है।

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