नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी ने सिख और जाट समुदाय के खिलाफ अपमान जनक टिप्पणी करने पर भाजपा शासित त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब के इस्तीफे की मांग की है। आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि भाजपा को भारत के लोगों को बताना चाहिए कि उन्होंने बिप्लब देब के खिलाफ क्या कार्रवाई की है? उन्होंने कहा कि जाट समुदाय इस तरह के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा और इस तरह के अपमान के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होगा। वहीं, आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष को बिप्लब देब की इस टिप्पणी के लिए भारत के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। आम आदमी पार्टी बीजेपी की ऐसी मानसिकता का हर स्तर पर विरोध करेगी और ऐसी अपमान जनक टिप्पणी को स्वीकार नहीं करेगी।

आम आदमी पार्टी ने सिख और जाट समुदाय के खिलाफ अपमान जनक टिप्पणी करने वाले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब को लेकर पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस प्रेस वार्ता को आम आदमी पार्टी के विधायक एवं कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत और पार्टी के विधायक जनरैल सिंह ने संबोधित किया। कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत ने भाजपा शासित त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब द्वारा जाट समुदाय एवं सिख समुदाय के बारे में बोले गए अपशब्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब जी द्वारा बोले गए अपशब्दों से आज पूरे देश का जाट एवं सिख समुदाय दुखी है, लोगों में बेहद रोष एवं गुस्सा है।

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कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी गली-गली जाकर जाट और सिख समुदाय के लोगों से वोट देने की अपील करते हैं और चुनाव जीतने के बाद उसी समुदाय के प्रति इस प्रकार से अपशब्दों का इस्तेमाल किया जाता है, जाटों को मंदबुद्धि कहा जाता है, कम दिमाग का बोला जाता है। उन्होंने कहा कि एक राज्य का मुख्यमंत्री किसी एक समुदाय या पार्टी का नहीं, बल्कि उस राज्य में रहने वाले हर एक समुदाय, पार्टी एवं धर्म से जुड़े व्यक्ति का प्रतिनिधि होता है। बिप्लब देब जी के इन शब्दों से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिस व्यक्ति की मानसिकता इतनी संकीर्ण हो, वह जनता के साथ किस प्रकार से न्याय करेगा।

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चाौटाला को भी बिप्लब देब के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए- कैलाश गहलोत

भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से प्रश्न पूछते हुए कैलाश गहलोत ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं आजादी के समय में जाट समुदाय के सर छोटू राम, जिन्होंने गरीबों व किसानों के हक की लड़ाई लड़ी, राजस्व मंत्री के पद पर भी रहे, जिनको सर की उपाधि दी गई थी, क्या भाजपा के लिए वह भी मंदबुद्धि हैं? चैधरी देवीलाल जी जो भारत के उप प्रधानमंत्री के पद पर आसीन रहे, क्या भाजपा के लिए वह भी मंदबुद्धि हैं? चैधरी चरण सिंह, जो भारत के प्रधानमंत्री पद पर आसीन रहे, क्या भाजपा के लिए वह भी मंदबुद्धि हैं?

भाजपा के हरियाणा के वर्तमान उपमुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह चैटाला, जो जाट समुदाय से संबंध रखते हैं और वर्तमान में भाजपा के साथ गठबंधन में हरियाणा की सरकार चला रहे हैं, उनसे प्रश्न पूछते हुए कैलाश गहलोत ने कहा कि दुष्यंत चैटाला बताएं कि क्या वह भी मंदबुद्धि है? और यदि हैं, तो फिर हरियाणा के उप मुख्यमंत्री के पद पर कैसे आसीन हैं? उन्होंने कहा कि मैं दुष्यंत चैटाला जी से कहना चाहता हूं कि यदि आप मानते हैं कि आप जाट समुदाय से हैं और जाट मंदबुद्धि नहीं होते, तो जाटों का अपमान करने के लिए भाजपा के त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब जी के इस्तीफे की मांग करें।

भाजपा बिप्लब देब के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है, तो माना जाएगा कि यह भाजपा का आधिकारिक बयान है- कैलाश गहलोत

कैलाश गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से प्रश्न पूछते हुए कहा कि भाजपा बताएं कि बिप्लब देब जी के खिलाफ भाजपा ने क्या कार्यवाही की? उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति जो किसी एक समुदाय के प्रति इस प्रकार की हीन भावना रखता है, उसको मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। आम आदमी पार्टी त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब के इस्तीफे की मांग करती है। साथ ही साथ उन्होंने कहा कि यदि भाजपा इस पर कोई एक्शन नहीं लेती है, तो यही समझा जाएगा कि बिप्लब देब जी का बयान भाजपा का आधिकारिक बयान है और जाट समुदाय इस अपमान को नहीं सहेगा।

बिप्लब देब का बेतुके बयान देने का इतिहास रहा है- जनरैल सिंह

प्रेस वार्ता में मौजूद ‘आप’ विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि बिप्लब देब जी द्वारा बोले गए अपशब्दों से न केवल देश का जाट समुदाय, बल्कि पूरे सिख समुदाय में भी भारी रोष एवं गुस्सा है। दोनों ही समुदाय के लोगों का मानना है कि इससे हमारे समुदाय के लोगों के आत्म सम्मान को भारी ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि आज किसी को भी यह बताने की जरूरत नहीं है कि देश की आजादी की लड़ाई में पंजाब का और सिखों का क्या योगदान रहा है।

जनरैल सिंह ने कहा कि जहां तक बिप्लब देब जी के इस बेतुके बयान की बात की जाए, तो यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी उनके इसी प्रकार के बेतुके बयान देने का इतिहास रहा है। बिप्लब देब के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए जरनैल सिंह ने कहा कि यह कहते हैं, महाभारत के जमाने में इंटरनेट था। बड़े ही आश्चर्य की बात है कि महाभारत के जमाने का ज्ञान तो बिप्लब देब जी को है, परंतु आजादी के समय के डॉ. नरेंद्र सिंह कपानी जी का इतिहास नहीं मालूम है, जिन्हें आज देश में फादर ऑफ फाइबर ऑप्टिक्स के नाम से जाना जाता है। बिप्लब देब जी को यह नहीं पता कि देश की आजादी के लिए जो 121 लोग फांसी पर चढ़े उनमें से 93 लोग सिख समुदाय से संबंध रखते थे, जिन 2626 लोगों को आजीवन कारावास की सजा अंग्रेजों ने दी थी, उनमें से 2147 लोग सिख समुदाय से संबंध रखते थे। इसी प्रकार से 1971 में जब पाकिस्तान को भारत ने धूल चटाई थी और पाकिस्तान को दो टुकड़ों में बांट दिया था, तो उस जीत का सेहरा कर्नल जगजीत सिंह के सर बांधा जाता है, वह भी सिख समुदाय से संबंध रखते थे।

जरनैल सिंह ने कहा कि यदि भाजपा के किसी सामान्य कार्यकर्ता ने यह बात कही होती तो समझा जा सकता था। परंतु एक प्रदेश का मुख्यमंत्री जो किसी एक समुदाय पार्टी का प्रतिनिधि नहीं, बल्कि पूरे राज्य का प्रतिनिधि होता है। उसकी मानसिकता इस प्रकार की है। इससे यह समझा जा सकता है कि भारतीय जनता पार्टी कितनी छोटी और नकारात्मक सोच रखती है। भारतीय जनता पार्टी का यही चरित्र है। इस देश में भारतीय जनता पार्टी लोगों को कभी, कभी जाति और कभी समुदाय के नाम पर आपस में लड़ाती आई है।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से माफी मांगने की मांग की। साथ ही साथ इस प्रकार के अपशब्दों का इस्तेमाल करने के लिए बिप्लब देब का तुरंत प्रभाव से इस्तीफा लेने और कड़ी कार्यवाही करने की मांग की।

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