नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस को जांच में पता चला है कि मरकज़ निज़ामुद्दीन के प्रमुख मौलाना साद के एक ऑडियो से छेड़छाड़ की गई है, इस ऑडियो क्लिप में मौलाना साद जमात के सदस्यों से सोशल डिस्टेंसिंग को फ़ॉलो न करने और प्रतिबंधों को न मानने की बात कह रहे हैं, यह ऑडियो क्लिप जमात का प्रकरण सामने आने के बाद जोरदार ढंग से वायरल हुई थी, पुलिस के मुताबिक़, यह ऑडियो क्लिप छेड़छाड़ और एडिट की गई कई ऑडियो क्लिप्स को जोड़कर बनाई गई है, पुलिस ने सभी ऑडियो क्लिप और वायरल हुई इस ऑडियो क्लिप को (जिससे छेड़छाड़ का शक है) जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब में भेज दिया है,

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने मौलाना साद और तब्लीग़ी जमात के मुख्यालय मरकज़ निज़ामुद्दीन से जुड़े छह अन्य लोगों के ख़िलाफ़ ग़ैर इरादतन हत्या का मुक़दमा दर्ज किया था, साद के ख़िलाफ़ यह एफ़आईआर हज़रत निज़ामुद्दीन थाने के एसएचओ मुकेश वालिया की शिकायत पर दर्ज की गई थी, ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक़, पुलिस ने मरकज़ से जुड़े एक सदस्य से एक लैपटॉप बरामद किया है, इस लैपटॉप में कई ऑडियो क्लिप हैं, पुलिस को जांच में पता चला है कि ये ऑडियो क्लिप तीन तरह की हैं, इनमें मरकज़ में हुए कार्यक्रमों की रॉ क्लिप, जमातियों को भेजी गई ऑडियो क्लिप और उनके यू-ट्यूब चैनल पर अपलोड की गई क्लिप शामिल हैं,

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अख़बार के मुताबिक़, इस मामले की जांच कर रही टीम के प्रमुख और इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने वायरल ऑडियो को खोजने की कोशिश की तो उन्हें लैपटॉप में ऐसी कोई क्लिप मिली ही नहीं, यह भी पता चला है कि मौलाना साद द्वारा पुलिस और धर्म पर की गई टिप्पणी किसी दूसरे कार्यक्रम की है और उससे छेड़छाड़ कर उसे दूसरी जगह जोड़ दिया गया,

दक्षिणपंथी समूहों ने बनाया था निशाना

मौलाना साद के इस ऑडियो क्लिप के वायरल होने के बाद कुछ टीवी चैनलों ने और दक्षिणपंथी समूहों ने सोशल मीडिया पर मौलाना व तब्लीग़ी जमात से जुड़े लोगों को निशाना बनाया था, दक्षिणपंथी समूहों से जुड़े लोगों का कहना था कि तब्लीग़ी जमात से जुड़े लोग जानबूझकर कोरोना वायरस फैला रहे हैं,

ऐसे में अगर अब पुलिस यह कह रही है कि मौलाना साद के उस ऑडियो से छेड़छाड़ की गयी थी तो फिर तो पूरा मामला ही उल्टा पड़ जाएगा, क्योंकि अगर मौलाना साद ने जब ऐसा कुछ कहा ही नहीं तो सवाल यह उठेगा कि उन्हें और तब्लीग़ियों को निशाना क्यों बनाया गया, मरकज़ निज़ामुद्दीन में मार्च के महीने में तब्लीग़ी जमात के कार्यक्रम में 2000 से ज़्यादा लोग इकट्ठा हुए थे, इस कार्यक्रम में शामिल हुए कई लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे

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