नई दिल्ली: दिल्ली में हुए दंगों में तमाम आरोपों के बीच दिल्ली पुलिस ने नया ख़ुलासा किया, अब दंगों के मामले में दाखिल एक चार्जशीट में बीजेपी के एक नेता का भी नाम आया है, एक शख्स को मारने गई भीड़ का नेतृत्व करने वाला यह नेता फ़िलहाल जेल में है, पुलिस ने उसके ख़िलाफ़ 23 जून को चार्जशीट दाखिल की है, इस नेता का नाम बृजमोहन शर्मा उर्फ गब्बर है, गिरफ़्तारी के समय तक वह ब्रह्म पुरी बीजेपी का महासचिव था,

नेताजी के परिजनों के मुताबिक़, पुलिस ने इन्हें ज़बरदस्ती फँसा दिया है, लेकिन पुलिस सूत्रों के मुताबिक़, उनके पास मारे गए इरफ़ान नामक युवक की माँ का मजिस्ट्रेट के सामने दिया गया बयान और ख़ुद नेताजी का इस बारे में दिया गया क़बूलनामा, दोनों हैं, 23 जून को इरफ़ान हत्याकांड के मामले में दाखिल पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक़, बृजमोहन शर्मा ने 25 साल के युवक इरफ़ान की हत्या करने वाली भीड़ का नेतृत्व किया था, पुलिस सूत्रों के अनुसार, 27 फरवरी को न्यू उस्मानपुर थाने में दर्ज एफ़आईआर नंबर 95 के मुताबिक़, इरफ़ान को बुरी तरह घायल हालत में जेपीसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ 26 फरवरी को उसकी मौत हो गई थी, पुलिस ने इस सिलसिले में धारा 147, 148, 149, 308 और 302 के तहत मामला दर्ज किया था,

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इस मामले में वैसे तो कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे, लेकिन सबसे अहम इरफ़ान की माँ का बयान था, जिसे मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया गया था, इरफ़ान की माँ ने हमलावरों में से बृजमोहन शर्मा उर्फ गब्बर और सन्नी उर्फ लाला की पहचान की थी, हालाँकि पुलिस ने चार्जशीट में ना तो अभियुक्त ताहिर हुसैन के संबंध में और ना ही बृजमोहन शर्मा के संबंध में किसी पार्टी का ज़िक्र किया है, लेकिन बताया जाता है कि बृजमोहन उर्फ गब्बर के पिता भी बीजेपी किसान मोर्चा के नेता रहे हैं, यही नहीं, उनका परिवार स्थानीय पार्षद राजकुमार बल्लन का क़रीबी भी माना जाता है, लेकिन बृजमोहन का परिवार इस संबंध में स्थानीय पुलिस पर साजिश रचने का आरोप लगा रहा है,  

बृजमोहन को 28 मार्च को गिरफ़्तार किया गया था और वह अभी जेल में है, इरफ़ान की माँ कुरेशा की गवाही के अनुसार, इरफ़ान दूध और दवाई लेने बाहर गया था और घर वापस आ रहा था कि उसे भीड़ ने दबोच लिया, इस भीड़ का नेतृत्व बृजमोहन उर्फ गब्बर और सन्नी कर रहे थे, भीड़ ने रॉड, बैट आदि से इरफ़ान की पिटाई की और फरार हो गए, पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक़, बृजमोहन ने पूछताछ में इरफ़ान की हत्या की बात स्वीकार की है, उसने बताया है कि इरफ़ान मुसलमानों का नेता बन रहा था, उसके इशारे पर कई हिंदूओं के घर, दुकान आदि जला दिए गए, बृजमोहन उसे सबक सिखाना चाहता था, इसके लिए उसने रॉड आदि जमा किए थे, 

दिल्ली के दंगों की चार्जशीट में पहले आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन और अब बीजेपी के एक नेता के नाम ने पूरे मामले को और सनसनीखेज बना दिया है, अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या बिना किसी आका के इन छुटभैये नेताओं ने इतने बड़े दंगे की साजिश रच दी? क्या दिल्ली के दंगे सिर्फ़ छुटभैये नेताओं के सियासी शतरंज की बिसात थे, जिसमें 50 से ज्यादा बेगुनाह लोग मारे गए?

इन सवालों का जवाब अभी मिलना बाकी है, अभी इस मामले की जाँच जारी है, चार्जशीट और पुलिस के हलफ़नामे रोज़ अलग- अलग संकेत दे रहे हैं, मामला कोर्ट में है, इसलिए अपनी ओर से कुछ कहना भी बेमानी है, लेकिन दाखिल चार्जशीट और हलफ़नामे बड़ी साजिश की बू ज़रूर दे रहे हैं

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