नई दिल्ली : दुर्गेश पाठक ने कहा कि एमसीडी में बैठी भाजपा ने भ्रष्टाचार करने के इरादे से एक और शर्मनाक कदम उठाया है। भाजपा शासित एमसीडी अपने अधिकार क्षेत्र में विकास कार्य पर सांसद और विधायक निधि से खर्च होने वाले फण्ड में से 10 प्रतिशत पैसा लेने का प्रस्ताव लेकर आई है।

इस तरह, अब भाजपा शासित एमसीडी के पार्षद और मेयर एमपी-एमएलए के फण्ड में भी 10 प्रतिशत की दलाली मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के पार्षद मिस्टर 10 पर्सेंट होने की होड़ में हैं और भाजपा प्राइवेट माफिया बन चुकी है।

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अभी तक भाजपा के भ्रष्ट पार्षद ठेकेदारों से इलीगली 10 पर्सेंट ले रहे थे और अब एमपी-एमएलए फण्ड से लीगली 10 पर्सेंट लेकर भ्रष्टाचार करना चाहते हैं। आम आदमी पार्टी भाजपा के इस नीच कदम का पूरी तरह से विरोध करती है और प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग करती है।

‘आप’ पार्षद इस प्रस्ताव का सदन में विरोध करेंगे और इसे जनता के बीच लेकर जाएंगे। वहीं, ‘आप’ विधायक जय भगवान उपकार ने कहा कि भाजपा जनता के पैसों में से दलाली मांग रही है। इस प्रस्ताव से एमपी-एमएलए के फण्ड से हो रहे विकास कार्य रुक जाएंगे।

दुर्गेश पाठक ने पार्टी मुख्यालय में शनिवार को प्रेस वार्ता को संबोधित किया। दुर्गेश पाठक ने कहा कि, अगर आप देख रहे होंगे तो भारतीय जनता पार्टी की एमसीडी हर दिन अपने भ्रष्टाचार का एक नया पाठ खोलती है।

भाजपा आखिर कितनी  निर्लज, कितनी बाईमान हो सकती है। हम हर दिन देखते हैं कि भाजपा दिन प्रतिदिन अपना स्तर गिराती चली जा रही है। कर्मचारियों को वेतन देने की बात हो, तो उसमें पूरी तरीके से फेल है, किसी इमारत का निर्माण करना हो तो उसमें भाजपा के पार्षद तुरंत घूस खाने पहुंच जाते हैं, बच्चों का मिड डे मील नहीं बांटा, बच्चों को किताबें नहीं दी, इनके महापौर सरकारी जमीनों पर कब्जा करने में लगे हुए हैं।

भारतीय जनता पार्टी को पता है कि यह लूट का आखरी साल है इसलिए वह हर दिन एक नया प्रस्ताव लेकर आती है। पिछले दिनों भाजपा वाले एक तरफ तो ये हल्ला कर रहे थे कि इनके पास पैसे नहीं हैं, वहीं दूसरी तरफ पार्षदों की निधि 50 लाख से डेढ़ करोड़ कर रहे हैं और 25 लाख से एक करोड़ कर रहे हैं।

इसी कड़ी में भाजपा अपना स्तर और गिराते हुए एक और नया प्रस्ताव लेकर आई है। यह प्रस्ताव कहता है कि अब दिल्ली के अंदर चाहे सांसद निधि से कोई पैसा लग रहा हो, चाहे विधायक निधि से कोई पैसा लग रहा हो, अब जो भी पैसा लगेगा उसका 10 प्रतिशत भाजपा को चाहिए।

भाजपा के नए प्रस्ताव पर दुर्गेश पाठक ने कहा कि जनता भाजपा को वोट देकर एमसीडी में लेकर आई और उनसे काम की उम्मीद जताई, लेकिन दिल्ली की भाजपा एक प्राइवेट माफिया बन चुकी है।

इनका कहना है कि आप जो भी काम हमसे करवाएंगे, उसका 10 प्रतिशत पैसा हमें चाहिए। भाजपा का कहना है कि यदि कोई भी विधायक अपने क्षेत्र में पैसा लगा रहा है तो उसका 10 प्रतिशत पैसा भाजपा को दें। आखिर भाजपा कहना क्या चाहती है?

भाजपा यह कहना चाहती है कि हम एक प्राइवेट दलाली की एजेंसी बन चुके हैं और हमारा काम दलाली करना है। अब तक दिल्ली की जनता अपने विधायकों के पास जाती है, उनसे बातचीत करती है और सड़क, नाली, सीसीटीवी कैमरा आदि कामों की मांग करती है।

विधायकों को जो भी फंड मिलता है उससे काम में जो पैसा लगेगा, एमसीडी का कहना है कि उसका 10 प्रतिशत भाजपा के पास आएगा।

प्रस्ताव का विरोध करते हुए दुर्गेश पाठक ने कहा कि, मैं दिल्ली की जनता को बताना चाहता हूं कि यही भाजपा का आचरण है। दिल्ली सरकार जो दिल्ली के विकास में पैसा लगा रही है, भाजपा ने कह दिया है कि हमको उसमें 10 प्रतिशत हिस्सा चाहिए। भाजपा मिस्टर 10 प्रतिशत होने की होड़ में हैं।

भाजपा के सभी महापौर, सभी नेता कानूनी रूप से 10 प्रतिशत लेने की बात कह रहे हैं। इन्होंने एमसीडी को तो लूट लिया है और अब कह रहे हैं कि एमपी और एमएलए फंड से भी 10 प्रतिशत पैसा हमें लूटना है।

भारतीय जनता पार्टी का स्तर दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है। आम आदमी पार्टी भाजपा के इस प्रस्ताव का विरोध करती है और हमारे पार्षद सदन में भी इसका विरोध करेंगे। दिल्ली की जनता में भी इस मुद्दे को लेकर जाएंगे।

इसका हम पूरी तरीके से विरोध करते हैं। भारतीय जनता पार्टी के अंदर जरा सी भी शर्म बाकी है तो इस प्रस्ताव को वापस लें।

बवाना के ‘आप’ विधायक जय भगवान उपकार ने कहा कि, भाजपा शासित एमसीडी में पैसों की कमी रही है और बहुत ज़्यादा भ्रष्टाचार हुआ है। उनके निगम पार्षद काम करने के लिए परेशान हैं लेकिन उन्हें पैसा नहीं दिया जा रहा है।

भाजपा के 10 प्रतिशत दलाली वाले प्रस्ताव की मैं निंदा करता हूं। चूंकि मैं बवाना से विधायक हूं और 2017 से लेकर 2019 तक निगम पार्षद भी रहा हूं। अपने कार्यकाल के दौरान पिछले तीन सालों में मैंने देखा है कि भाजपा सिर्फ बड़ी बड़ी बातें करती है।

अब ये जो बात कर रहे हैं कि हमलोग एमपी एमएलए फंड से पैसा लेंगे, चाहे वो एमसीडी हो, चाहे वो दिल्ली सरकार हो, जनता के पैसों में से ये दलाली मांग रहे हैं, जिससे जनता का जो काम है, जो विकास कार्य है वो रुक जाएगा।

मैं कहना चाहता हूं कि एमसीडी की सत्ता में बैठी जो भाजपा कार्यकर्ता हैं, उन्हें अपने इस प्रस्ताव पर फिर से विचार करना चाहिए। ये प्रस्ताव जनता के लिए हो रहे विकास कार्य को रोक देगा। आम आदमी पार्टी यह बिल्कुल नहीं चाहती है कि दिल्ली में विकास कार्य प्रभावित हो, इसलिए हम इसका विरोध करते हैं।

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