नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई के मद्देनजर आने वाले संकट के दौरान प्रवासी श्रमिकों को कभी बेसहारा नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट कर कहा कि दिल्ली में रहने वाले प्रवासी मजदूरों की जिम्मेदारी हमारी है। अगर वे यहां रहना चाहते हैं, तो हम उनका पूरा ध्यान रखेंगे। यदि वे अपने घर वापस जाना चाहते हैं, तो हम उनके लिए ट्रेनों की व्यवस्था करेंगे। हम उन्हें ऐसे संकट के समय में बेसहारा नहीं छोडेंगे।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि सभी अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं कि किसी प्रवासी को कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए। उनके लिए जितनी जरूरत होगी, उतनी ट्रेन का इंतजाम किया जाएगा। सरकार के आदेश में उल्लेख किया गया है, इसलिए आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 22 के तहत प्रदत्त शक्तियों के तहत राज्य कार्यकारिणी समिति, डीडीएमए, जीएनसीटीडी के चेयर परसन के तौर पर पीआर सचिव (समाज कल्याण) व राज्य नोडल अधिकारी श्री पीके गुप्ता, दिल्ली पुलिस के स्पेशल पुलिस आयुक्त व दिल्ली पुलिस के नोडल अधिकारी श्री मुक्तेश चंदर और सभी जिलाधिकारियों और दिल्ली में उनके समकक्ष सभी जिला डीसीपी को निर्देश जारी किया है।

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जारी दिशा-निर्देश इस प्रकार हैं-

(1) यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रवासी श्रमिक सड़क और रेलवे पटरियों पर चलने का सहारा न लें।

 (2) यदि वे ऐसी स्थिति में पाए जाते हैं, तो उन्हें उचित रूप से परामर्श दिया जाए, उन्हें आस-पास के आश्रयों में ले जाया जाए और भोजन, पानी आदि प्रदान किया जाना चाहिए। यह सुविधा तब तक दी जाए, जब तक उनके लिए अपने मूल स्थानों तक जाने के लिए श्रमिक ट्रेनों या बसों की सुविधा न कर दी जाए।

(3) अधिक संख्या में श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों को चलाने में रेलवे के साथ उचित सहयोग होना चाहिए, ताकि फंसे हुए प्रवासी कामगारों की यात्रा तेज गति से हो सके।

   (4) सभी श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों को बिना किसी बांधा के प्राप्त की जानी चाहिए और प्रवासी मजदूरों को अपने मूल स्थानों तक पहुंचाने के लिए शीघ्रता से आवागमन की सुविधा प्रदान की जाए।

33 से अधिक ट्रेनों व कई बसों से 47,000 प्रवासी मजदूरों को उनके मूल प्रदेश भेजा

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को कहा कि 25 से अधिक ट्रेनों और बड़ी संख्या में बसों ने 35,000 प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों में पहुंचा दिया है और आज 8 श्रमिक विशेष ट्रेनें लगभग 12,000 प्रवासी मजदूरों को उनके घरों में ले जाएंगी। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा कि पहले से ही 25 से अधिक ट्रेनों और बड़ी संख्या में बसों के जरिए 35,000 से अधिक लोगों को विभिन्न गंतव्य राज्यों में पहुंचाया गया है। आज 8 श्रमिक विशेष ट्रेनें लगभग 12,000 प्रवासी मजदूरों को उनके घरों में ले जाएंगी।

प्रवासी मजदूर जो श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से यात्रा करना चाहते हैं, उन्हें ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के लिए लिंक  https://epass-jantasamvad-org/train/passenger/ दिया गया है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक अन्य ट्वीट कर कहा कि इन ट्रेनों में जाने के लिए पहले पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के लिए लिंक  https://epass-jantasamvadad/ दिया गया है। बिना पंजीकरण के किसी भी यात्री को ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को कुछ ऐसे केंद्रों का दौरा किया, जहां दिल्ली सरकार ने प्रवासी मजदूरों के ठहरने, भोजन और चिकित्सा जांच की व्यवस्था की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि इनमें से अधिकांश मजदूर 2-6 महीने पहले नौकरी के लिए दिल्ली आए थे। वे सभी काम कर रहे थे, लेकिन लॉकडाउन ने उनके जीवन को तबाह कर दिया। जब उनसे पूछा कि वे कब लौटेंगे तो उन्होंने मुझे बताया कि लॉकडाउन हटने के बाद वे वापस आ जाएंगे। दिल्ली सरकार अपने गृह राज्यों में फंसे प्रवासियों की आवाजाही की सुविधा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम कर रही है। यह इंतजाम भारतीय रेल के साथ-साथ बसों द्वारा संबंधित राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करके किया जा रहा है।

दिल्ली सरकार प्रवासी श्रमिकों सहित अपने गृह राज्यों में फंसे हुए व्यक्तियों के शीघ्र और सुगम आवागमन के लिए अतिरिक्त ट्रेनों की आवश्यकता का आंकलन कर रही है। दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करने के लिए प्रतिबद्ध है कि दिल्ली में फंसे प्रत्येक प्रवासी अपने घर जल्द से जल्द पहुंच जाए। दिल्ली में फंसे सभी प्रवासी, जो श्रमिक विशेष ट्रेनों व बसों के माध्यम से प्रस्थान करना चाहते हैं, वे https://epass-jantasamvad-org/train/passenger/ पर आवेदन कर सकते हैं, ताकि उनके लिए उचित योजना बनाई जा सके। यह पंजीकरण हो जाने के बाद, दिल्ली सरकार द्वारा उनसे संबंधित ट्रेनों व बसों के प्रस्थान और समय के बारे में उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने दिल्ली में फंसे प्रवासियों से भी अनुरोध किया है कि वे सरकारी अधिकारियों से सूचना प्राप्त किए बिना किसी भी रेलवे स्टेशन पर जाने की कोशिश न करें। इसके अलावा, यह भी सलाह दी जाती है कि प्रवासी मजदूरों को सड़कों पर या रेलवे पटरियों पर नहीं चलना चाहिए और न ही अपने जीवन को खतरे में डालना चाहिए, क्योंकि ट्रेनों व बसों द्वारा उनके परिवहन की सभी व्यवस्था की जा रही है। दिल्ली सरकार अगले 15 दिन के भीतर सभी फंसे हुए लोगों के आवागमन को सुनिश्चित बनाने के लिए आशान्वित है।

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