नई दिल्ली : काशी विश्वविद्यालय (बीएचयू) छात्र संघ के अध्यक्ष रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री, मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर का उप राज्यपाल बनने की समाजवादी चिंतक राजनाथ शर्मा ने बधाई दी है। साथ ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस चुनौतीपूर्ण दायित्व के लिए उन पर भरोसा जताया, इसके लिए उनका भी आभार जताया।

शर्मा ने कहा कि कुछ लोगों का मानना है कि क्या राजभवन पहुंचने के बाद राजनीतिक करियर समाप्त हो जाता है। परंतु हम ऐसा नहीं मानते। उम्र, अनुभव और ऊर्जा को देखते हुए मनोज सिन्हा की राजनीति के कई अध्याय अभी बाकी हैं। वह इससे ज्यादा के लिए डिजर्व करते हैं लेकिन गाजीपुर और पूर्वांचल के लिए रेल और संचार मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालते हुए उनके बहुत कुछ करने के बावजूद वहां के मतदाताओं ने इससे उन्हें महरूम कर दिया। वह मोदी लहर में भी चुनाव हार गये अथवा हरा दिए गये। लेकिन उनकी हार गाजीपुर और पूर्वांचल की हार थी। पूर्वांचल के विकास के लिए उनके भगीरथ प्रयासों की हार थी।

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शर्मा ने बताया कि हम करीब चार दशकों से परस्पर विरोधी विचारधारा के साथ रहे। लेकिन उनकी सहृदयता, सहिष्णुता ने कभी इसे हमारे निजी रिश्तों को प्रभावित नहीं होने दिया। यह भी एक कारण है कि उनकी चुनावी हार पर किसी भी भाजपाई से कम दुख मुझ जैसे समाजवादी को नहीं हुआ था। वह सही मायने में पूर्वांचल की प्रगति और विकास के लिए कृत संकल्प थे। प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के बेहद करीबी रहे मनोज के लिए एक समय ऐसा भी रहा जब लगा कि वह राजनीति के बियाबान में चले गये। लेकिन उन्होंने निष्ठा और धैर्य के साथ इसका सामना किया और वापसी की। जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल के रूप में उनके सामने बड़ी और कठिन राजनीतिक चुनौतियां हैं। उन पर पार पाना, उनके राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के लिए खुद भी एक चुनौती रहेगी। उनके सफल होने के साथ ही उनके उत्तम स्वास्थ्य और उज्वल राजनीतिक भविष्य की शुभकामनाएं की है।

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