नई दिल्ली : सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सीएम कैप्टन और अमित शाह के बीच एक षड़यंत्र के तहत मुलाकात हुई है, कुछ दिन पहले तक कैप्टन काले कानूनों को वापस नहीं होने पर इस्तीफा देने की चेतावनी दे रहे थे, इसके तीन दिन बाद ही उनके बेटे को ईडी के नोटिस आ गए.

कैप्टन गृहमंत्री से मुलाकात के बाद काले कानूनों को वापस लेने और कानून में एमएसपी की गारंटी देने की मांग करने की बजाय उल्टा किसानों को ही मुद्दा सुलझाने की सलाह देने लगे हैं.

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सौरभ ने कहा कि कैप्टर इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बता रहे हैं, जबकि दिल्ली पुलिस ने किसानों को बाॅर्डर पर रोका हुआ है, इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला कहां से आ गया? यह समझ से परे है.

2017 के पंजाब चुनाव में भाजपा और आरएसएस ने कांग्रेस के लिए वोट मांग कर कांग्रेस की सरकार बनवाई थी, इसीलिए कैप्टन पंजाब में भाजपा की केंद्र सरकार का एजेंडा लागू करने में लगे हैं.

सौरभ ने मुख्यमंत्री कैप्टन और शाह के बीच हुई मुलाकात पर सवाल खड़े किए, सौरभ भारद्वाज ने प्रेस वार्ता के दौरान यह रहस्य समझ से बिल्कुल ही परे है कि अमित शाह ने मुख्यमंत्री कैप्टन को क्यों बुलाया था और वे अमित शाह जी से क्यों मिलने आए थे?

क्या वह केंद्र सरकार को यह समझाने आए थे कि इस मसले को सुलझा लो, यह बहुत जरूरी है, परंतु फिर आश्चर्य इस बात पर होता है कि कैप्टन साहब किसानों को भी यही समझा रहे हैं कि इस मुद्दे को सुलझा लो, यह बहुत जरूरी है.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन ह और अमित शाह की हुई मुलाकात के पीछे एक षड्यंत्र नजर आता है, कुछ दिन पहले तक कैप्टन कह रहे थे कि यदि यह काले कानून वापस नहीं लिए गए, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा.

उनके इस बयान के 3 दिन बाद कैप्टन के बेटे को ई.डी. के नोटिस आने लगे, उनके यहां छापे पड़ने लगे, इस घटनाक्रम के बाद कैप्टन अमित शाह, जोकि ई.डी. और ऐसी ही अन्य संस्थाओं का नेतृत्व करते हैं, उनसे मिलने के लिए दिल्ली आते हैं.

दोनों की मुलाकात पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए सौरभ ने कहा कि बेहद आश्चर्य जनक है कि मीटिंग से निकलने के बाद, जो कैप्टन अमरिंदर सिंह कल तक इस्तीफा देने की बात कर रहे थे, अब वे केंद्र सरकार से तीनों काले कानून वापस लेने की मांग करने की बजाए, कानून में एमएसपी की गारंटी देने की मांग करने की बजाए.

उल्टा किसानों को जल्द से जल्द मसला सुलझाने की सलाह देने लगे, सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मीटिंग से निकलने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह जी अपने ही बयान पर लीपापोती करते नजर आए और उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी इस बारे में सोचें और किसानों पर जोर देते हुए कहा कि जल्द से जल्द इस मसले को सुलझा लो.

 क्योंकि इसके अंदर राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयान पर प्रश्न उठाते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह बात बिल्कुल ही समझ के परे है कि दिल्ली के बॉर्डर पर किसान बैठे हुए हैं, दिल्ली की पुलिस ने उनको रोका हुआ है, किसान अपनी रोटी खुद बना रहे हैं, खा रहे हैं, इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला कहां से आया?

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