नई दिल्ली : सिसोदिया 22 दिसंबर को लखनऊ जाएंगे। यूपी के कई मंत्रियों ने शिक्षा पर बहस की चुनौती दी है। मनीष सिसोदिया ने इसके लिए स्थान और समय बताने का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि एक बार चुनौती दी है तो मुकर मत जाना। सिसोदिया ने यूपी के गांवों के ऐसे दस स्कूलों की लिस्ट भी मांगी, जिन्हें चार साल में बीजेपी सरकार ने सुधारा हो।

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सिसोदिया ने कहा यूपी बनाम दिल्ली की शिक्षा पर बहस की चुनौती स्वीकार की। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने यूपी में 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है।

इस पर यूपी के कई मंत्रियों ने स्कूलों में योगी सरकार के काम का गुणगान करते हुए दिल्ली बनाम यूपी की शिक्षा पर बहस की चुनौती दी है।

सिसोदिया ने कहा कि मुझे यह चुनौती स्वीकार है। मैं 22 दिसंबर को लखनऊ जाऊंगा। योगी सरकार की ओर से बहस कौन करेंगे, समय और स्थान क्या होगा, यह बता दें। इस चुनौती से मुकर मत जाना।

सिसोदिया ने कहा कि अपनी सरकार का गुणगान करने से स्कूल नहीं सुधरते, बल्कि इसके लिए शिक्षा का बजट बढ़ाना, शिक्षकों के प्रशिक्षण, स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाना और प्रिंसिपल्स को अधिकार देना जैसे ठोस कदम जरूरी हैं।

लेकिन यूपी के स्कूलों की दुर्दशा सर्वविदित है। श्री सिसोदिया ने ऐसी अनगिनत खबरों की न्यूज क्लिप दिखाई। इनमें यूपी के स्कूलों को ऐतिहासिक खंडहर घोषित करने और स्कूलों में जानवरों का तबेला बनने जैसी खबरें शामिल थीं।

सिसोदिया ने कहा कि मिड डे मिल में बच्चों को नमक रोटी देने की खबर भी यूपी के स्कूलों से ही आई थी। उस पत्रकार को योगी सरकार ने जेल भेज दिया था।

नीति आयोग की रिपोर्ट में भी यूपी के सरकारी स्कूलों की बदहाली उजागर हुई है। सिसोदिया ने कहा कि इन रिपोर्टों से पता चलता है कि हजारों स्कूलों में शौचालय तक नहीं हैं। ऐसे स्कूलों में आम आदमी के बच्चों का भविष्य अंधकारमय है।

सिसोदिया ने योगी जी से निवेदन किया कि आपने चार साल खूब ऐश कर ली, अब स्कूलों को सुधारें। ऐसा नहीं किया तो आगामी चुनाव में यूपी की जनता बड़ा राजनीतिक बदलाव कर देगी। यूपी में आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी और हम आकर स्कूल अस्पताल सुधार देंगे।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार भाजपा के कई मंत्रियों के मुंह से स्कूल अस्पताल की बात सुनना अच्छा लगा। हम दिल्ली के शिक्षा माॅडल बनाम यूपी के शिक्षा माॅडल पर खुली बहस की उनकी चुनौती हमें मंजूर है।

सिसोदिया ने ऐसी बहस को सकारात्मक बताते हुए कहा कि देश की शिक्षा नीति पर बहस होना अच्छी बात है।

सिसोदिया ने यूपी के गांवों के दस ऐसे स्कूलों की लिस्ट भी मांगी, जिन्हें चार साल में योगी सरकार ने अच्छा किया हो। इनमें नए बने स्कूल या ठीक किए गए ऐसे पुराने स्कूल हों, जहां अच्छे रिजल्ट आने लगे हों.

जहां पिछले चार साल में बिल्डिंग, रिजल्ट और शिक्षकों की सुविधाओं में सुधार आया हो, जहां के बच्चे प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफल हुए हों।

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