Urdu

Epaper Urdu

YouTube

Facebook

Twitter

Mobile App

Home भारत नज़रबंद किये गए संदीप पाण्डेय, भड़का रिहाई मंच कहा ‘BJP सरकार असहमती...

नज़रबंद किये गए संदीप पाण्डेय, भड़का रिहाई मंच कहा ‘BJP सरकार असहमती की आवाज़ों को….’

नई दिल्लीः 11 व 16 अगस्त , 2019 को एडवोकेट मोहम्मद शोएब, संदीप पाण्डेय व अन्य साथियों को कश्मीर के लोगों के समर्थन में एक घंटे का मौन मोमबत्ती प्रदर्शन को न होने देने के लिए घरों में ही नजरबंद करने और 17 अगस्त, 2019 को अयोध्या में होने वाले दो दिवसीय साम्प्रदायिक सद्भावना पर शिविर में भाग लेने के लिए जाते समय मुम्बई से आए प्रोफेसर राम पुनियानी, संदीप पाण्डेय, राजीव यादव, हफीज किदवई व अन्य को लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर रौनाही पर ही रोक लेने तथा अयोध्या के आयोजक महंत युगल किशोर शास्त्री की भी गिरफ्तार कर रौनाही ले आने व देश भर से आए शिविरार्थियों को धमकी देकर व दबाव डाल वापस कर भेज कार्यक्रम को न होने देने का हम पुरजोर विरोध करते हैं।

प्रोफेसर प्रताप भानु मेहता का कहना है केन्द्र सरकार ने हाल में जम्मू कश्मीर को पूरी तरह भारत में मिलाने का जो फैसला लिया है यह कश्मीर का भारतीयकरण करने के बजाए भारत का कश्मीरीकरण कर देगा, यह बात सहीं जान पड़ती है। कश्मीर में लोगों के नागरिक अधिकारों का हरण कर लिया गया है व अभिव्यक्ति की आजादी पर पूरी तरह रोक लगी हुई है। श्रीनगर में तो मीडिया पर भी प्रतिबंध लगा हुआ है और समाचारपत्र तक प्रकाशित नहीं हो पा रहे हैं जिससे बाहर के लोग कश्मीर की हकीकत न जान पाएं। ऐसा प्रतीत होता है कि जम्मू-कश्मीर के बाहर भी भारत के अन्य हिस्सों में कश्मीर के सवाल पर यदि कोई सरकार से अलग राय रखता है तो उसे नहीं बोलने दिया जाएगा और कोई कार्यक्रम नहीं करने दिया जाएगा। सिर्फ कश्मीर के सवाल पर ही नहीं अयोध्या में दो दिन की साम्प्रदायिक सद्भावना पर बैठक पर रोक लगाने से तो ऐसा लगता है कि अन्य विषयों पर भी जिसमें भारतीय जनता पार्टी या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राय से अलग राय रखी जाने वाली हो पर रोक लगा दी गई है। यह तो आपातकाल जैसी परिस्थिति जान पड़ती है। देश के लिए यह संकेत ठीक नहीं है और यदि जनता इसका विरोध नहीं करेगी तो कल उनके अधिकारों के भी हरण का खतरा है।

देश दुनिया की अहम खबरें अब सीधे आप के स्मार्टफोन पर TheHindNews Android App

आज जम्मू-कश्मीर के लोगों पर उनकी इच्छा के विरुद्ध बिना उनकी राय लिए लोकतंत्र की मौलिक अवधारणा को धता बताते हुए एक फैसला थोप दिया गया है। लोग भ्रमित हैं। फैसला सही भी ठहराया जाए तो उसके लेने का तरीका तो गलत है ही। कल यह सरकार इस तरह के निर्णय अन्य राज्यों के लिए भी ले सकती है। सरकार की तानाशाही का विरोध किया जाना जरूरी है।

भले ही नरेन्द्र मोदी ने पूर्ण बहुमत से दूसरी बार सरकार का गठन कर लिया हो किंतु लोकतंत्र में बड़े फैसले जो लोगों का जीवन प्रभावित करने वाले हैं, जैसे नोटबंदी, आदि मनमाने तरीके से नहीं लिए जा सकते। उनके ऊपर बहस और आम सहमति बनाना जरूरी है। भारतीय जनता पार्टी को याद रखना चाहिए के उसे देश भर में सिर्फ 37.4 प्रतिशत मतदाताओं का ही समर्थन प्राप्त है। वह यह मान कर नहीं चल सकती कि देश के सभी लोग उसके सभी निर्णयों के साथ हैं। बल्कि बहुमत उसके साथ नहीं है।

भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने से अलग राय रखने वालों को नजरअंदाज कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक के एजेण्डे को पूरे देश पर थोपना पूर्णतया गैर-लोकतांत्रिक तरीका है। और इसका विरोध करने वालों की आवाजों को दबाना तो और भी गलत है। हम इस देश में लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए के लिए संकल्पबद्ध हैं और भाजपा सरकार के गैर-लोकतांत्रिक तरीकों के खिलाफ संघर्ष करते रहेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

राम मंदिर : भूमिपूजन से पहले बोले लालकृष्ण आडवाणी- ‘पूरा हो रहा मेरे दिल का सपना’

नई दिल्ली : अयोध्या में बुधवार को होने वाले राम मंदिर के भूमिपूजन से पहले लालकृष्ण आडवाणी ने वीडियो संदेश जारी किया...

मुझे खुशी है कि दिल्ली मॉडल को दुनिया भर में पहचाना जा रहा है : सीएम केजरीवाल

नई दिल्ली : दक्षिण कोरिया के राजदूत एच.ई. शिन बोंग-किल ने मंगलवार को कोविड महामारी से निपटने के लिए दिल्ली मॉडल की...

दिल्ली : नगर निगम के चुनाव के मद्देनजर आप अपने संगठन का पुनर्गठन करेगी : गोपाल राय

नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि आगामी दिल्ली...

दिल्ली दंगा: प्रोफेसर अपूर्वानंद से स्पेशल सेल ने पांच घंटे की पूछताछ, फोन भी जब्त

नई दिल्लीः दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और विचारक अपूर्वानंद से सोमवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पांच घंटे लंबी पूछताछ की....

वोट के लिए दलितों को ठगने वाली BJP क्या राम मन्दिर निर्माण मंच पर भी उन्हें जगह देगी: कुँवर दानिश अली

शमशाद रज़ा अंसारी श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का शुभारम्भ 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन के...