शमशाद रज़ा अंसारी


मुसलमानों के प्रमुख त्यौहारों में से एक ईद उल अजहा भी समीप आ रहा है। इस बार की परिस्थितियाँ पिछली ईद से विपरीत हैं। इस साल ईद जहाँ कोरोना संकट के समय आई है। वहीँ सावन का पावन माह भी चल रहा है। सावन और कोरोना के महीने को देखते हुये उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बकरीद और जानवरों की कुर्बानी के लिए गाइडलाइन जारी की है। सरकार ने कोरोना के संक्रमण के डर से सभी धार्मिक स्थलों के लिए भी दिशा निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के मुताबिक, किसी भी धार्मिक स्थल में सामूहिक रूप से भीड़ एकत्रित नही होगी।

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कोरोना संक्रमण के अलावा क़ानून व्यवस्था पर भी शासन की नज़र है। यूपी के डीजीपी द्वारा जारी किए पत्र में सांप्रदायिक भावनाओं का भी ध्यान रखने के लिए बोला गया है। पत्र में यूपी के सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों से कहा गया है कि कुर्बानी के दौरान गोवंश की हत्या से कई बार पहले भी सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हुआ है। इसलिए इस बात का खास ध्यान रखा जाना चाहिए।
गाइडलाइन में कहा गया, पुलिस लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए जागरूक करे। सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए रखें. भ्रामक सूचना प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। थानाध्यक्ष और क्षेत्राधिकारी छोटी से छोटी घटना को गंभीरता से लें।


1 अगस्त को मनाई जाएगी बकरीद

सबसे खास बात है कि इस बार ड्रोन के इस्तेमाल के लिए भी कहा गया है। पत्र में लिखा है कि मिश्रित और संवेदनशील इलाके की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल किया जाए। गोवध और गोवंश के अवैध परिवहन पर पूर्ण प्रभावी नियंत्रण करने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएं। खुले स्थानों में कुर्बानी/गैर मुस्लिम इलाकों से खुले रूप से मांस ले जाने पर प्रतिबंध लगाया जाए।

पत्र में पुलिस अधिकारियों को कहा गया कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी की अफवाहों से इलाके में तनाव उत्पन्न हो सकता है। इसलिए इस बात का खास ध्यान रखें। बकरीद का त्योहार 1 अगस्त को मनाया जाएगा और ये तीन दिन तक मनाया जाता है। ऐसे में यूपी के डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के लिए कहा है।

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