नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के पूर्व विधायक और दिल्ली विधानसभा के पूर्व मुख्य सचेतक दिलीप कुमार पाण्डेय को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित ‘फिशर फैमिली समर फेलोज़ ऑन डेमोक्रेसी एंड डेवलपमेंट प्रोग्राम 2026’ के लिए चुना गया है। एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के रूप में उनके जमीनी अनुभव और उनकी शैक्षणिक योग्यता का यह अनूठा संगम उन्हें इस वर्ष की फेलोशिप के लिए एक विशेष प्रतिभागी बनाता है।
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ‘सेंटर ऑन डेमोक्रेसी, डेवलपमेंट एंड द रूल ऑफ लॉ’ (CDDRL) द्वारा आयोजित इस वैश्विक कार्यक्रम के लिए 19 देशों से केवल 26 प्रतिभागियों को चुना गया है। दिलीप पाण्डेय इस बैच के एकमात्र भारतीय पूर्व निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं, जो लोकतांत्रिक शासन के व्यावहारिक पहलुओं और अकादमिक शोध को एक साथ मंच पर प्रस्तुत करेंगे।
दिलीप पाण्डेय ने तिमारपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए दिल्ली के विकास और जन-मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाया है। एक विधायक के रूप में उनका अनुभव, विशेषकर कोविड-19 महामारी के दौरान उनके द्वारा संचालित राहत कार्यों और आम जनता के साथ उनके सीधे जुड़ाव ने उन्हें इस वैश्विक मंच के लिए एक योग्य उम्मीदवार सिद्ध किया है।
18 जुलाई 2026 से प्रारंभ हो रहे इस एक माह के आवासीय कार्यक्रम में पाण्डेय लोकतंत्र की मजबूती, सार्वजनिक नीति निर्माण और संस्थागत सुधार जैसे विषयों पर दुनिया भर के विशेषज्ञों के साथ संवाद करेंगे। उनका शोध कार्य ‘मध्यस्थ दर्शन’ (Coexistentialism) पर केंद्रित है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था में नैतिकता और जनभागीदारी को अनिवार्य मानता है।
अपनी नियुक्ति पर दिलीप पाण्डेय ने कहा, “एक पूर्व विधायक के तौर पर मैंने जो अनुभव प्राप्त किया, वह मुझे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की बारीकियों को समझने में मदद करता है। यह फेलोशिप भारत के लोकतांत्रिक अनुभवों को वैश्विक मंच पर साझा करने और लोकतंत्र को अधिक मानवीय व उत्तरदायी बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।”
दिलीप पाण्डेय एक ‘स्कॉलर-प्रैक्टिशनर’ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। हांगकांग में अपने सफल आईटी करियर को छोड़कर ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन से जुड़ने और फिर राजनीति के माध्यम से जनसेवा के रास्ते को चुनने तक का उनका सफर प्रेरणादायक रहा है। वर्तमान में वे आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश सह-प्रभारी और पार्टी के विदेशी प्रकोष्ठ (AAP Overseas) के प्रभारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।

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