नई दिल्ली : बंगाल में एक ऑडियो क्लिप जारी होने और उसको लेकर विवाद उत्पन्न होने के दो दिन बाद सीएम ममता ने कहा कि उन्होंने वास्तव में प्रलय पाल को फोन किया था क्योंकि उन्हें जानकारी मिली थी कि वह उनसे बात करना चाहते हैं.

बताया जाता है कि इस आडियो क्लिप में कथित रूप से सीएम ममता नंदीग्राम से एक बीजेपी नेता को उन्हें इस सीट से जीतने में मदद करने के लिए मनाती सुनी गई थीं.

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विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए प्रचार समाप्त होने से कुछ समय पहले नंदीग्राम के टेंगुआ में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सीएम ममता ने कहा कि एक उम्मीदवार के रूप में उन्हें एक मतदाता से संपर्क करने का पूरा अधिकार है.

सीएम ममता ने कहा हां मैंने नंदीग्राम में इस भाजपा नेता को फोन किया था, मुझे यह जानकारी मिली थी कि कोई मुझसे बात करना चाहता है, इसलिए मैंने उनका नंबर मिलने के बाद उनसे बात की थी.

मैंने उनसे कहा कि वह अपना ध्यान रखें, अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, मेरा क्या अपराध है? सीएम ममता ने कहा निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार के रूप में मैं किसी भी मतदाता की मदद मांग सकती हूं, मैं किसी को भी फोन कर सकती हूं, इसमें कोई बुराई नहीं है, यह कोई अपराध नहीं है.

सीएम ममता ने कहा अगर कोई बातचीत को वायरल करता है तो यह एक अपराध है, मेरी बातचीत को वायरल करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, न कि मेरे खिलाफ, उन्होंने कहा कि वह भविष्य में भी इसी तरह से लोगों को फोन करती रहेंगी.

उन्होंने याद किया कि अतीत में वह पार्टी आधार पर भेदभाव किये बिना लोगों और यहां तक कि विपक्षी विधायकों से भी संपर्क कर चुकी हैं जिन्होंने उनकी मदद मांगी थी.

उन्होंने कहा कि कभी-कभी वह उन्हें वापस कॉल करके संपर्क करती थीं ताकि क्या कार्रवाई हुई यह पता कर सकें और उन्होंने इसकी परवाह नहीं की कि वह वायरल हो जाएगा, उन्होंने कहा कि इस तरह की बातचीत को वायरल करने से विश्वास टूटता है.

बंगाल चुनाव के पहले चरण में शनिवार को 30 सीटों के लिए हुए मतदान के बीच भाजपा ने एक ऑडियो क्लिप जारी किया जिसमें कथित रूप से बनर्जी नंदीग्राम से एक भाजपा नेता को फिर से तृणमूल में शामिल होने और उन्हें जीतने में मदद करने के लिए मनाती सुनाई दे रही हैं.

इस ऑडियो क्लिप से राज्य में नया विवाद खड़ा हो गया था, आडियो क्लिप में बनर्जी पाल से कहती सुनी गई थीं, आपको नंदीग्राम में जीत दर्ज करने में हमारी मदद करनी चाहिए, देखिए, मैं जानती हूं कि आपको कुछ शिकायतें हैं.

लेकिन इनमें से अधिकतर शिकायतें अधिकारी परिवार के कारण हैं, जिसने मुझे कभी नंदीग्राम नहीं आने दिया, मैं आगे से हर बात का खयाल रखूंगी, शुभेंदु अधिकारी परिवार का जिले में काफी प्रभाव है.

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