नई दिल्ली: दिल्ली में मंगलवार को कोरोना के 3,947 नए मामले सामने आए हैं, यह संक्रमण का अब तक का एक दिन में सबसे बड़ा आंकड़ा है, इससे पहले दिल्ली में संक्रमण का सबसे बड़ा आंकड़ा 3,137 था, इस दौरान 68 लोगों की मौत हुई है और अब तक राजधानी में कुल 2,301 लोगों की मौत कोरोना वायरस के कारण हो चुकी है, राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना से संक्रमित होने वालों का आंकड़ा 66,602 पहुंच गया है, इनमें से 39,313 लोग ठीक हो चुके हैं और 24,988 एक्टिव केस हैं,

संक्रमण के मामलों में दिल्ली अब मुंबई के क़रीब आ रही है, मुंबई में अब तक 68,410 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, कोरोना के मरीजों के इलाज को लेकर सीएम केजरीवाल और एलजी कई बार आमने-सामने आ चुके हैं, कुछ दिन पहले एलजी ने केजरीवाल के उस फ़ैसले को पलट दिया था जिसमें उन्होंने दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ़ दिल्ली वालों का इलाज होने की घोषणा की थी, लेकिन एलजी ने कहा था कि दिल्ली का निवासी नहीं होने के कारण किसी का भी इलाज करने से इनकार नहीं किया जाना चाहिए, पांच दिन के संस्थागत क्वारंटीन के मुद्दे पर भी सरकार और एलजी आमने-सामने आ चुके हैं, दिल्ली सरकार द्वारा गठित एक पैनल ने हाल ही में कहा है कि दिल्ली में इस महीने के आख़िर में कोरोना वायरस के मरीज़ों की संख्या 1 लाख तक पहुँच सकती है, इसके लिए अस्पतालों में 15 हज़ार अतिरिक्त बेड की ज़रूरत होगी,

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कुछ दिन पहले दिल्ली के उप मुख्यमंत्री ने कहा था कि कोरोना संक्रमण के मामले इसी रफ़्तार के साथ बढ़ते रहे तो 31 जुलाई तक राजधानी में संक्रमण के मामलों की संख्या 5.5 लाख तक पहुँच सकती है, सत्येंद्र जैन भी कह चुके हैं कि राजधानी में कोरोना का कम्युनिटी स्प्रेड शुरू हो गया है लेकिन केंद्र सरकार जब इसे आधिकारिक तौर पर घोषित करेगी तभी इसे माना जाएगा, उन्होंने कहा था कि राजधानी में लगभग आधे केस ऐसे आ रहे हैं जिसमें लोगों को यह नहीं पता चल रहा है कि उन्हें कोरोना वायरस का संक्रमण कहां से हुआ है, संक्रमण के मामलों का तेजी से बढ़ना दिल्ली सरकार के लिए बड़ी चुनौती है क्योंकि उसे बड़ी संख्या में बेड, वेंटिलेटर और मेडिकल स्टाफ़ की ज़रूरत होगी

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