नई दिल्लीः अखिल भारतीय किसान सभा ने अपने महासचिव एवं वाम नेता हन्नान मोल्लाह को दिल्ली पुलिस द्वारा नोटिस भेजे जाने की कड़ी निंदा की है और इसे नागरिकों के धरना-प्रदर्शन करने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन बताया है।

किसान सभा के अध्यक्ष अशोक धलवाले और महासचिव हन्नान द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस ने श्री मोल्लाह को 25 सितम्बर को कृषि कानून के विरोध में राजधानी के जंतर-मंतर पर एक धरना प्रदर्शन में भाग लेने के आरोप में कल यह नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन्हें अदालत में पेश होने को कहा गया है। विज्ञपति में कहा गया है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत जारी नोटिस में सात साल के कारावास का प्रावधान है।

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किसान सभा ने विज्ञप्ति में कहा है कि सरकार महामारी कानून 1897 का बेजा इस्तेमाल किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है और धमकियों से कायरतापूर्ण करवाई कर रही है जिससे किसान झुकने वाले नहीं है और उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसान सभा ने कल भारत बन्द के दौरान मोदी शाह के पुतले जलाकर किसान आंदोलन को तेज करने की लोगों से अपील की है और किसानों के खिलाफ झूठे मामलों को वापस लेने की सरकार से मांग की है।

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