Header advertisement

THN स्पेशल समाचार

image

Eid-e-Milad : क्यों मनाई जाती है ईद मिलाद उन-नबी, जानें इसका महत्व और इतिहास

नई दिल्ली : ईद उल-फ़ित्र और ईद उल-अज़हा के अलावा भी मुस्लिमों का एक मुख्य त्योहार है जिसे ईद मिलाद उन-नबी कहा जाता है, ये मुसलमानों के लिए एक बेहद खास दिन माना जाता है, पैगंबर हजरत मोहम्मद (SAW) का यौम-ए-पैदाइश (जन्मदिन) दुनियाभर में धूमधाम…

image

लेख : BJP और उसके घटक दल कई राज्यों में सत्ता पर जरूर है, सरकारों की कारगुजारी इस बात का…

आम चुनाव में भाजपा जीती जरूर लेकिन चुनाव नतीजों में भविष्य के झंझावात की एक आहट-सी छिपी हुई है, भाजपा के तिलिस्म का टूटने का संकेत मिल गया है, इसकी शुरुआत बिहार से होगी, कोरोना संकट से सबसे ज्यादा बिहार और उत्तर प्रदेश के मतदाता…

image

लेख : तरबियत के बग़ैर तालीम जहालत नहीं जाहिलियत है : कलीमुल हफ़ीज़

कलीमुल हफ़ीज़ हर तरफ़ तालीम का शोर है। कॉलेज, स्कूल मदरसे और पाठशालाएँ हैं। बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटियाँ हैं। दुनिया भर में हर साल लाखों प्रोफ़ेसर, इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, जज, टीचर्स, उलमा, और ब्यूरोक्रेट पैदा हो रहे हैं। जहालत के ख़ात्मे के लिये बहुत-से अभियान चलाए जा…

image

लेख : ओडिशा के शुऐब आफ़ताब ने NEET के इम्तिहान में पहली पोज़िशन हासिल करके जहालत के अँधेरों को चैलेंज…

कलीमुल हफ़ीज़ हमारे देश में कुछ एग्ज़ाम्स ऐसे होते हैं जिनके नतीजों पर देश-भर की नज़रें जमी होती हैं। जिन स्टूडेंट्स ने वो एग्ज़ाम्स दिये होते हैं, रिज़ल्ट के इन्तिज़ार में उनकी साँसें रुकना तो नेचुरल सी बात है, उनके माँ-बाप भी आसमान की तरफ़…

image

सर सय्यद डे : हमारी बातें ही बातें हैं, सय्यद काम करते थे : कलीमुल हफ़ीज़

कलीमुल हफ़ीज़ हिन्दुस्तान के मुसलमान जिन हालात से गुज़र रहे हैं वे सबको मालूम हैं। फासीवाद ने इनको अपने अधीन करने और ग़ुलाम बना लेने के सारे हथकंडों पर अमल करना शुरू कर दिया है। इनकी तहज़ीब और सभ्यता, इनके पर्सनल लॉ, इनके तालीमी इदारों…

image

लेख : भावुकता और अंधसमर्थन की आड़ में बहस नहीं होनी चाहिए : रवीश कुमार

रवीश कुमार महबूबा मुफ़्ती की रिहाई पर मैंने प्राइम टाइम किया था। यू ट्यूब में जो कमेंट आए थे उसे देखकर कश्मीरनामा और कश्मीर और कश्मीरी पंडित के लेखक अशोक पांडे जवाब देना चाहते थे। उनके इस जवाब को मैं यहाँ पोस्ट कर रहा हूँ।…

image

लेख : जमहूरियत और इंसानियत की बुनियाद मजबूत करने वाली शख्सियत थे अब्दुल कलाम : मुह़म्मद सालिम

खवाब वे नहीं हो ते, जो आपको रात में सोते वक्त नींद में आए बल्कि खवाब वे होते हैं, जो रात में सोने ही न दें।’ आलमी दिफाई नख्शे पर मुल्क को एक अहम पहचान दिलाने वाले वाले भारत रत्न व साबिक सदरे जमूरिया ए-पी-जे…

image

लेख : तेलंगाना में हल्दी और मक्का के किसानों को चाहिए MSP और ख़रीद की गारंटी : रवीश कुमार

रवीश कुमार हिन्दी पत्रकारिता से भारत का एक नुकसान होता है। जाने-अनजाने में। आम तौर पर हिन्दी पत्रकारिता की दुनिया तीन-चार विषयों और क्षेतों तक सीमित रह जाती है। लेकिन भाषा की ताकत के कारण इसका चरित्र और प्रभाव राष्ट्रीय माना जाने लगता है। इसलिए…

image

लेख : धीमी गति का समाचार- बिहार : रवीश कुमार

रवीश कुमार  क्या बिहार को रुकतापुर कहा जा सकता है? सब्र करने और कई दिनों तक इंतज़ार करने में बिहार के लोगों के धीरज का औसत दुनिया में सबसे अधिक होगा। यहां एक छात्र सिर्फ बीए पास करने के लिए तीन साल की जगह पांच…

image

लेख : बापू ! क्या तुम्हें अपने देश का हाल मालूम है ? : कलीमुल हफ़ीज़

बापू! तुम हर साल अपने जन्म दिन पर बहुत याद आते हो। मगर केवल एक दिन के लिये। बापू!क्या तुम्हें मालूम है कि हिन्दुस्तान का हाल क्या है? वही देस जिसके लिये तुमने न जाने कितने पापड़ बेले थे। अपना ऐश व आराम खोया था,…