अफ्फान नोमानी नाम तो याद होगा पनसारे, दाभोलकर, कलबुर्गी, गौरी लंकेश, देवजी महेश्वरी, ये वह नाम हैं, जिसे लिखने-बोलने की वजह से मौत के घाट उतार दिया गया था। इस सूची में अन्य और भी नाम हैं। यह वही देश है, जहां लोगों ने अपने…
कलीमुल हफ़ीज़ फ़्रांस में हज़रत मुहम्मद (सल्ल०) का कार्टून दिखाने वाले टीचर का सर क़लम करना, सर क़लम करने वाले का पुलिस के ज़रिए शहीद किया जाना, फ़्रांस के राष्ट्रपति का टीचर के जनाज़े में शरीक होना और इतना ही नहीं इस्लाम और मुसलमानों के…
कलीमुल हफ़ीज़ बिहार का ज़िक्र आते ही जो तस्वीर दिल-दिमाग़ में उभरती है वो बड़ी दयनीय होती है। ग़ुरबत, जहालत, बीमारियाँ, बाढ़, तूफ़ान और न जाने कौन-कौन सी मुसीबतें हैं जो आए दिन बिहार में आती रहती हैं। ऐसा नहीं है कि बिहार ही देश…
नई दिल्ली : ईद उल-फ़ित्र और ईद उल-अज़हा के अलावा भी मुस्लिमों का एक मुख्य त्योहार है जिसे ईद मिलाद उन-नबी कहा जाता है, ये मुसलमानों के लिए एक बेहद खास दिन माना जाता है, पैगंबर हजरत मोहम्मद (SAW) का यौम-ए-पैदाइश (जन्मदिन) दुनियाभर में धूमधाम…
आम चुनाव में भाजपा जीती जरूर लेकिन चुनाव नतीजों में भविष्य के झंझावात की एक आहट-सी छिपी हुई है, भाजपा के तिलिस्म का टूटने का संकेत मिल गया है, इसकी शुरुआत बिहार से होगी, कोरोना संकट से सबसे ज्यादा बिहार और उत्तर प्रदेश के मतदाता…
कलीमुल हफ़ीज़ हर तरफ़ तालीम का शोर है। कॉलेज, स्कूल मदरसे और पाठशालाएँ हैं। बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटियाँ हैं। दुनिया भर में हर साल लाखों प्रोफ़ेसर, इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, जज, टीचर्स, उलमा, और ब्यूरोक्रेट पैदा हो रहे हैं। जहालत के ख़ात्मे के लिये बहुत-से अभियान चलाए जा…
कलीमुल हफ़ीज़ हमारे देश में कुछ एग्ज़ाम्स ऐसे होते हैं जिनके नतीजों पर देश-भर की नज़रें जमी होती हैं। जिन स्टूडेंट्स ने वो एग्ज़ाम्स दिये होते हैं, रिज़ल्ट के इन्तिज़ार में उनकी साँसें रुकना तो नेचुरल सी बात है, उनके माँ-बाप भी आसमान की तरफ़…
कलीमुल हफ़ीज़ हिन्दुस्तान के मुसलमान जिन हालात से गुज़र रहे हैं वे सबको मालूम हैं। फासीवाद ने इनको अपने अधीन करने और ग़ुलाम बना लेने के सारे हथकंडों पर अमल करना शुरू कर दिया है। इनकी तहज़ीब और सभ्यता, इनके पर्सनल लॉ, इनके तालीमी इदारों…
रवीश कुमार महबूबा मुफ़्ती की रिहाई पर मैंने प्राइम टाइम किया था। यू ट्यूब में जो कमेंट आए थे उसे देखकर कश्मीरनामा और कश्मीर और कश्मीरी पंडित के लेखक अशोक पांडे जवाब देना चाहते थे। उनके इस जवाब को मैं यहाँ पोस्ट कर रहा हूँ।…
खवाब वे नहीं हो ते, जो आपको रात में सोते वक्त नींद में आए बल्कि खवाब वे होते हैं, जो रात में सोने ही न दें।’ आलमी दिफाई नख्शे पर मुल्क को एक अहम पहचान दिलाने वाले वाले भारत रत्न व साबिक सदरे जमूरिया ए-पी-जे…
